धोखाधड़ी से करोड़ों की ज़मीन बेचने का आरोप, हसला प्रधान समेत 7 लोगों पर केस दर्ज

नवभारत टाइम्स

रेवाड़ी में करोड़ों की ज़मीन की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हसला के जिला प्रधान मनोज कुमार सहित सात लोगों पर केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों से ज़मीन बेच दी गई। पीड़ित विजय सिंह ने एसपी को शिकायत दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हसला प्रधान ने आरोपों को गलत बताया है।

case registered against 7 including hasla president for fraudulently selling land worth crores
रेवाड़ी: करोड़ों रुपये की जमीन की धोखाधड़ी के मामले में हसला के जिला प्रधान मनोज कुमार सहित सात लोगों पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। यह आरोप सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर विजय सिंह ने लगाया है। उन्होंने कहा है कि उनकी पत्नी के नाम पर रामगढ़ रोड स्थित राम विहार में करीब 1119 वर्ग गज जमीन थी, जिसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच दिया गया।

शिकायतकर्ता विजय सिंह, जो सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं और छत्तीसगढ़ में तैनात हैं, ने एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2013 में अपनी पत्नी पुष्पा के नाम पर रामगढ़ रोड स्थित राम विहार में गली नंबर-4 के पास करीब 1119 वर्ग गज जमीन गांव फिदेड़ी निवासी रमेश से खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल (सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज होना) उनकी पत्नी के नाम पर है। उन्होंने जमीन की चारदीवारी भी करवा दी थी।
विजय सिंह का आरोप है कि उनकी अच्छी दोस्ती गांव मसानी निवासी मनोज कुमार और तीतरपुर के दयाकिशन से थी। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर दोनों ने उनकी पत्नी पुष्पा के फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी अंगूठे और फर्जी इकरारनामा (समझौता पत्र) तैयार किया। इसके बाद उन्होंने यह जमीन अपनी मां कमला देवी और गांव चीताडूंगरा के पूर्ण सिंह को बेच दी। इस धोखाधड़ी में तीतरपुर के दिनेश कुमार, खलीलपुरी की बबीना और नारनौल के गांव मांदी की शकुंतला ने भी आरोपियों का साथ दिया।

विजय सिंह ने बताया कि उन्हें इस धोखाधड़ी का पता काफी समय बाद चला। उन्होंने 14 दिसंबर 2025 को शहर थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने तब कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने सीधे एसपी को शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

वहीं, इस मामले में हसला के जिला प्रधान मनोज कुमार ने आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उन्होंने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि इस करोड़ों रुपये की जमीन की धोखाधड़ी का पर्दाफाश हो सके।