इंग्लिश व ज्योतिर्विज्ञान में शुरू होगा नया मेडल

नवभारत टाइम्स

लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल की शुरुआत होगी। इंग्लिश विभाग में रिटायर्ड प्रो. एसजेएच आब्दी के नाम पर और ज्योतिर्विज्ञान विभाग में चंद्रमणि सिंह के नाम पर मेडल दिए जाएंगे। दोनों मेडल के लिए पांच-पांच लाख रुपये की राशि दी गई है। अब विश्वविद्यालय में कुल 201 मेडल दिए जाएंगे।

इंग्लिश व ज्योतिर्विज्ञान में शुरू होगा नया मेडल
लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) में इस साल होने वाले दीक्षांत समारोह में दो नए मेडल की शुरुआत होने जा रही है। यह फैसला विवि की कार्यपरिषद की बैठक में लिया गया है। अब तक ज्योतिर्विज्ञान विभाग के टॉपर को कोई मेडल नहीं मिलता था, लेकिन अब इंग्लिश और ज्योतिर्विज्ञान दोनों विभागों के टॉपर को मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इंग्लिश विभाग में यह मेडल रिटायर्ड प्रो. एसजेएच आब्दी के नाम पर दिया जाएगा, जबकि ज्योतिर्विज्ञान में यह मेडल लेखक और अंतरिक्ष विज्ञानी चंद्रमणि सिंह की याद में शुरू किया गया है। इन दोनों मेडल के लिए संबंधित परिवारों ने विश्वविद्यालय को पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि दान की है। इन दो नए मेडल के जुड़ने से एलयू में कुल मेडल की संख्या बढ़कर 201 हो गई है, जो शहर के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय से कहीं ज्यादा है।

एलयू में अब तक कुल 198 मेडल दिए जाते थे। पिछले साल बीएससी टॉपर के लिए एक नया मेडल शुरू किया गया था, जिससे यह संख्या 199 हो गई थी। अब इंग्लिश और ज्योतिर्विज्ञान के मेडल के साथ यह संख्या 201 पर पहुंच गई है। यह लखनऊ विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में मेडल देना शहर के किसी भी दूसरे विश्वविद्यालय में नहीं होता। हर साल 100 से ज्यादा छात्रों को ये मेडल मिलते हैं, और कई छात्रों को एक से ज़्यादा मेडल भी मिलते हैं।
इंग्लिश विभाग में शुरू होने वाला नया मेडल रिटायर्ड प्रो. एसजेएच आब्दी के नाम पर होगा। यह मेडल उनकी पत्नी निशात अख्तर आब्दी की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर शुरू किया गया है। यह मेडल एमए इंग्लिश में सबसे ज्यादा अंक लाने वाले छात्र को हर साल दिया जाएगा। यह इंग्लिश विभाग के छात्रों के लिए एक बड़ी प्रेरणा होगी।

वहीं, ज्योतिर्विज्ञान विभाग में चंद्रमणि सिंह के नाम पर मेडल शुरू किया जा रहा है। चंद्रमणि सिंह एक जाने-माने लेखक और अंतरिक्ष विज्ञानी थे। वाराणसी के रहने वाले चंद्रमणि सिंह के बेटे दीपक सिंह ने अपने पिता की याद में यह मेडल शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। यह मेडल ज्योतिर्विज्ञान विभाग के टॉपर को मिलेगा, जो इस विभाग के छात्रों के लिए गर्व की बात होगी।

इन दोनों मेडल के लिए दोनों परिवारों ने विश्वविद्यालय को पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि दी है। यह दान विश्वविद्यालय के प्रति उनके सम्मान और छात्रों को प्रोत्साहित करने की भावना को दर्शाता है। इस तरह के दान से विश्वविद्यालय को और बेहतर करने में मदद मिलती है।