ट्यूशन जा रहे दसवीं के दो स्टूडेंट्स को रोककर पीटा

नवभारत टाइम्स

बल्लभगढ़ शहर के आदर्श नगर में ट्यूशन जा रहे दसवीं के दो छात्रों को कुछ युवकों ने रोका और मारपीट की। आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर धमकी भरे गाने के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच कर रही है।

10th grade students beaten while going to tuition video goes viral
बल्लभगढ़ के आदर्श नगर में ट्यूशन जा रहे दो 10वीं के छात्रों के साथ कुछ युवकों ने बेरहमी से मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी धमकी भरे हरियाणवी गाने का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच कर रही है।

यह घटना 15 फरवरी की शाम को हुई जब आदर्श नगर के रहने वाले दो छात्र ट्यूशन के लिए घर से निकले थे। रास्ते में कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और बहस करने लगे। बात बढ़ने पर युवकों ने दोनों छात्रों पर लात-घूंसों और ईंटों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान युवक गालियां भी दे रहे थे। एक आरोपी पीड़ित छात्र से कहता है, "तूने उस लड़की से कैसे बात की, तेरी हिम्मत कैसे हुई… हम तुझे छोड़ेंगे नहीं।" इसके बाद आरोपी छात्रों को पीटकर फरार हो गए।
आरोपियों ने इस मारपीट का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो में हरियाणवी सिंगर का एक गाना लगाया गया है, जिसके बोल हैं, “अरै भीड़ पाड़ दयां भीड़ मैं बड़कै, फायर घुमा दयां सां, कोई टीटी पाकै तो उस पै टायर चढ़ा दयां सां। अरै मारकै मानसा गंगा कानी गेर घुमा दयां सां।” इस गाने के कारण यह मामला और भी चर्चा में आ गया है।

पीड़ित छात्रों के परिवार ने आदर्श नगर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार से हैं और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर धमकी भरे गानों के साथ मारपीट का वीडियो पोस्ट करना आरोपियों के हौसले को दर्शाता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ही ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है। यह घटना अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि उनके बच्चे स्कूल या ट्यूशन जाते समय सुरक्षित नहीं हैं।

इस तरह की घटनाएं समाज में डर का माहौल पैदा करती हैं। युवाओं को अपनी ताकत का इस्तेमाल अच्छे कामों में करना चाहिए, न कि दूसरों को डराने-धमकाने में। पुलिस को ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो को वायरल करने वालों पर नकेल कसने की जरूरत है। यह घटना एक चेतावनी है कि हमें अपने समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर प्रयास करने होंगे।

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