Cbse 12th Physical Education Paper Students Said Thought It Was Difficult It Was Easy
स्टूडेंट्स बोले- जितना सोचा था, उतना मुश्किल पेपर नहीं आया
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद में सीबीएसई 12वीं के करीब 12 हजार स्टूडेंट्स ने फिजिकल एजुकेशन की परीक्षा दी। पेपर उम्मीद से आसान आया। स्टूडेंट्स ने बताया कि क्लास में पढ़ाए गए टॉपिक से ही सवाल पूछे गए। कुछ सवाल घुमाकर पूछे गए थे, लेकिन हल करने में दिक्कत नहीं हुई। परीक्षा समय से पहले ही पूरी कर ली गई।
फरीदाबाद में बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा के करीब 12 हजार स्टूडेंट्स ने फिजिकल एजुकेशन का पेपर दिया। परीक्षा खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने अपने शिक्षकों और माता-पिता के साथ पेपर पर चर्चा की। ज्यादातर स्टूडेंट्स ने बताया कि पेपर उम्मीद से कहीं ज्यादा आसान था और इसमें वही सवाल पूछे गए थे जो क्लास में पढ़ाए गए थे। कुछ सवाल थोड़े घुमाकर पूछे गए थे, लेकिन फिर भी पेपर हल करने में कोई दिक्कत नहीं आई।
परीक्षा सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई थी। परीक्षा केंद्र के बाहर अपने बच्चों का इंतजार कर रहे माता-पिता भी पेपर खत्म होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। स्टूडेंट्स ने बताया कि फिजिकल एजुकेशन वैसे तो आसान विषय है, लेकिन फिर भी थोड़ी घबराहट बनी रहती है। पेपर में कुल पांच सेक्शन थे, जिन्हें हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा। कई स्टूडेंट्स ने तो समय से पहले ही पेपर पूरा कर लिया था।कुछ विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्होंने परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही पढ़ाई की थी, लेकिन जो टॉपिक उन्होंने समझे थे, उन्हीं से जुड़े सवाल पेपर में आए थे। एक छात्र ने कहा, "पेपर ज्यादा मुश्किल नहीं, उम्मीद से बेहतर आया था।" एक अन्य छात्र ने बताया, "परीक्षा में वही सवाल आए, जो क्लास में पढ़ाया गया था।" कुछ सवाल ऐसे भी थे, जो घुमाकर पूछे गए थे। विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि पेपर आसान आया, जिसके कारण इसे हल करने में दिक्कत नहीं हुई।
फिजिकल एजुकेशन को अक्सर एक आसान विषय माना जाता है, लेकिन परीक्षा के समय थोड़ी चिंता होना स्वाभाविक है। पेपर में पांच अलग-अलग सेक्शन थे, जिन्हें पूरा करने में स्टूडेंट्स को ज्यादा वक्त नहीं लगा। कई छात्रों ने तो निर्धारित समय से पहले ही अपना पेपर जमा कर दिया था। यह दिखाता है कि पेपर का स्तर काफी सरल था। कुछ स्टूडेंट्स ने तो परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही पढ़ाई की थी, लेकिन उन्हें राहत मिली क्योंकि जो विषय उन्होंने समझे थे, उन्हीं से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।