High tech Icu For Childrens Heart Treatment Started At Pgi Paving The Way For World class Health Services
पीजीआई में बच्चों के दिल के इलाज के लिए हाईटेक ICU
नवभारत टाइम्स•
पीजीआई में बच्चों के दिल के इलाज के लिए एक नया हाईटेक आईसीयू शुरू हुआ है। एचसीएल फाउंडेशन के सहयोग से बने इस छह बेड वाले आईसीयू में बच्चों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। यहां नवजातों के लिए जीवन रक्षक मशीनें लगाई गई हैं। यह सुविधा बच्चों के इलाज को आसान बनाएगी।
लखनऊ: पीजीआई में दिल के छेद से पीड़ित बच्चों के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। एचसीएल फाउंडेशन के एक करोड़ रुपये के सहयोग से ' सलोनी हार्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में छह बेड वाला एक नया और अत्याधुनिक आईसीयू शुरू किया गया है। यह सुविधा बच्चों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
यह नया आईसीयू खास मशीनों से लैस है जो नवजात शिशुओं की जान बचाने में मददगार साबित होंगी। इसमें 'एसएलई 6000 पीडियाट्रिक नियोनेटल वेंटिलेटर' जैसी मशीनें हैं। यह वेंटिलेटर छोटे बच्चों को सांस लेने में सटीक मदद देता है। इसके अलावा, 'पांडा रेससव्यू वार्मर' गंभीर रूप से बीमार शिशुओं के शरीर का तापमान सही रखेगा। 'जीई बिलिसॉफ्ट' सिस्टम पीलिया से पीड़ित नवजात शिशुओं के इलाज में भी काम आएगा।पीजीआई के निदेशक प्रो. आर.के. धीमन ने बताया कि भविष्य में 200 बेड का एक बड़ा अस्पताल बनाने की योजना है। इस नई सुविधा के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी और अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष भी मौजूद रहे। एसजीपीजीआई के सीवीटीएस विभाग के प्रमुख प्रो. एसके अग्रवाल, सलोनी हार्ट फाउंडेशन यूएसए के कार्यकारी अध्यक्ष हिमांशु सेठ, मृणालिनी सेठ और ऋषि कुमार भी इस खास मौके पर उपस्थित थे।
यह अत्याधुनिक आईसीयू दिल के छेद जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है। पहले जहां ऐसे बच्चों के इलाज के लिए कई मुश्किलें आती थीं, वहीं अब पीजीआई में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। यह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम है।