KGP एक्सप्रेसवे पर पुलिस मुठभेड़, फायरिंग के बाद अपराधी फरार

नवभारत टाइम्स

केजीपी एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देररात बदमाशों और गुड़गांव क्राइम ब्रांच के बीच मुठभेड़ हुई। स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग की और पुलिस वाहन को टक्कर मारकर फरार हो गए। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

kgp expressway encounter between notorious criminal khalid and police two policemen injured after firing criminals abscond
पलवल: केजीपी एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार देर रात एक बार फिर बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। इस बार स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने गुड़गांव क्राइम ब्रांच की टीम पर गोलियां चलाईं और पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारकर फरार हो गए। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह मुठभेड़ नूंह जिले के कुख्यात अपराधी खालिद और उसके साथियों के साथ हुई, जो करीब 10 आपराधिक मामलों में वांछित है। उस पर हत्या के प्रयास, लूट और डकैती जैसे गंभीर आरोप हैं।

गुड़गांव क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खालिद अपने साथियों के साथ एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो में उत्तर प्रदेश से पलवल की ओर आ रहा है। इस सूचना पर पुलिस की टीम ने केजीपी एक्सप्रेस-वे पर पलवल कट के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। देर शाम जब एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया, तो चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। आरोप है कि गाड़ी में आगे की सीट पर बैठा खालिद ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधे गोली चलाई। गोली पास खड़ी सरकारी बोलेरो के बोनट पर लगी।
पुलिस ने जब आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो बदमाशों ने गाड़ी की स्पीड और बढ़ा दी और पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। इस दौरान आरोपी पुलिस वाहन को टक्कर मारकर मौके से भागने में सफल रहे।

इस टक्कर में मुख्य सिपाही हरीश और कुलदीप सड़क पर गिर गए और घायल हो गए। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की खबर मिलते ही जिले के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी बढ़ा दी गई। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।

स्थानीय लोगों में यह भी चर्चा है कि इस तरह की गंभीर घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने में पुलिस का रवैया पारदर्शी नहीं रहा है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद होने और पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द इन फरार आरोपियों को पकड़ा जा सके और कानून का राज कायम रहे। इस तरह की घटनाएं आम जनता के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करती हैं। पुलिस का कहना है कि वे अपराधियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

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