Leaders To See Reflections Of Their Countries In Delhi During Ai Summit Memories Will Open A Window To The Past
मशीनों के बीच खुलेगी यादों की खिड़की
नवभारत टाइम्स•
दिल्ली में चल रहा एआई इम्पैक्ट समिट विदेशी नेताओं के लिए खास है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को इंडिया गेट में पेरिस के आर्क द ट्रायम्फ की याद आ सकती है। श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके को दिल्ली में बौद्ध जुड़ाव मिलेगा। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को विमान हादसे की याद आ सकती है।
नई दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नेता शिरकत कर रहे हैं। इस समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा जैसे दिग्गज शामिल हैं। यह समिट सिर्फ राजनीति और कूटनीति का मंच नहीं है, बल्कि दिल्ली इन नेताओं को अपने देशों से जुड़े भावनात्मक और सांस्कृतिक धागों से भी जोड़ सकती है। दिल्ली की गलियों में घूमते हुए ये नेता अपने देशों की यादों को ताज़ा कर सकते हैं और एक खास जुड़ाव महसूस कर सकते हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए दिल्ली का इंडिया गेट पेरिस के आर्क द ट्रायम्फ की याद दिला सकता है। दोनों ही स्मारक युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाए गए हैं। इंडिया गेट को पहले विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में बनाया गया था, जबकि आर्क द ट्रायम्फ को विभिन्न युद्धों में जान गंवाने वाले फ्रांसीसी सैनिकों की याद में। ऐसा माना जाता है कि इंडिया गेट के डिज़ाइनर एडविन लुटियंस ने शायद आर्क द ट्रायम्फ से ही प्रेरणा ली थी। इंडिया गेट का उद्घाटन 12 फरवरी, 1931 को हुआ था, जबकि आर्क द ट्रायम्फ का निर्माण 1806 में शुरू हुआ था। इसके अलावा, एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग पर स्थित फ्रांस स्कूल पिछले छह दशकों से भी ज़्यादा समय से फ्रांसीसी भाषा, शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक अहम केंद्र रहा है।श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के लिए दिल्ली एक आध्यात्मिक जुड़ाव का शहर है। चेम्सफोर्ड रोड पर स्थित श्रीलंका बौद्ध पिलग्रिम्स रेस्ट श्रीलंकाई बौद्ध यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है। 1970 में श्रीलंका की तत्कालीन प्रधानमंत्री सिरिमावो भंडारनायके के प्रयासों से इस गेस्ट हाउस की स्थापना की गई थी। इसका मकसद सारनाथ, राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसे भारत के प्रमुख बौद्ध स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा देना था। दिल्ली का बुद्ध जयंती पार्क भी श्रीलंका के साथ गहरे आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है। 1960 में यहां मूल बोधि वृक्ष की वंश परंपरा का एक पौधा लगाया गया था।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के लिए पृथ्वीराज रोड पर स्थित यॉर्क क्रिश्चियन सेमेट्री एक खास भावनात्मक महत्व रख सकती है। यहां एक सांकेतिक कब्र है जो 14 जून 1972 को दक्षिण दिल्ली के जैतपुर में हुए एक भयानक विमान हादसे की याद दिलाती है। इस दुर्घटना में जापान एयरलाइंस की उड़ान में सवार ब्राजील के कुछ नागरिकों की मौत हो गई थी। अगर राष्ट्रपति लूला कनॉट प्लेस जाते हैं, तो वे भावुक हो सकते हैं। संघर्षों से निकलकर विश्व नेतृत्व तक पहुंचने की उनकी यात्रा उन्हें दिल्ली की भागदौड़ में अपने अतीत की झलक दिखा सकती है।
भले ही AI इम्पैक्ट समिट भविष्य की तकनीक पर केंद्रित हो, लेकिन दिल्ली में दुनिया भर के नेता इतिहास, संस्कृति और साझा स्मृतियों के ऐसे धागों से जुड़ सकते हैं जो देशों के बीच रिश्तों को और भी मानवीय और गहरा बना देते हैं। यह समिट सिर्फ़ तकनीकी प्रगति की बात नहीं कर रही, बल्कि यह नेताओं को उन जड़ों से भी जोड़ रही है जो इंसानी रिश्तों को मज़बूत करती हैं। दिल्ली की ये खास जगहें इन नेताओं को उनके देशों से जुड़ी यादों को ताज़ा करने का मौका दे रही हैं, जिससे कूटनीति के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ रहा है। यह दिखाता है कि कैसे एक शहर इतिहास और वर्तमान को जोड़कर वैश्विक नेताओं के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान कर सकता है।