निगम के खिलाफ सड़क पर उतरे नेहरू ग्राउंड लोहा मंडी के व्यापारी

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद में नेहरू ग्राउंड लोहा मंडी के व्यापारी नगर निगम के खिलाफ सड़क पर उतर आए। उन्होंने अपना काम बंद कर विरोध जताया। व्यापारियों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। यह मंडी नॉर्थ इंडिया की सबसे बड़ी मंडी है और हजारों परिवारों का भरण-पोषण करती है।

traders protest on the streets against shifting of nehru ground iron market halt work to express anger
फरीदाबाद में लोहा मंडी के व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को उन्होंने अपना काम बंद कर विरोध जताया। निगम की ओर से नेहरू ग्राउंड लोहा मंडी को शिफ्ट करने के फैसले से नाराज व्यापारियों का कहना है कि यह उनके रोजगार पर सीधा हमला है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।

फरीदाबाद आयरन एंड स्टील ट्रेडर्स असोसिएशन के प्रधान सीपी कालरा ने साफ कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अगर विकास उनकी रोजी-रोटी छीनकर किया जाएगा तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं। कभी अतिक्रमण के नाम पर तो कभी राजनीति के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कालरा ने निर्माणाधीन सड़क के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों ओर एक साथ खुदाई की जा रही है, जबकि एक तरफ का काम पूरा होने के बाद ही दूसरी तरफ काम शुरू होना चाहिए।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को भी इस मामले में पत्र लिखा था, जहां से उन्होंने अधिकारियों को व्यापारियों की बात सुनने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, कालरा के अनुसार, अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

असोसिएशन के उपप्रधान मुकेश बंसल ने बताया कि नेहरू ग्राउंड में लोहा मंडी पिछले 55 सालों से चल रही है और यह एक स्थापित कमर्शल मार्केट है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोहा मंडी फरीदाबाद की तमाम औद्योगिक इकाइयों को माल सप्लाई करती है। यह मंडी नॉर्थ इंडिया की सबसे बड़ी मंडी के रूप में विकसित हुई है, जहां टाटा, स्टील अथॉरिटी (सेल), जेएसडब्लू और वीएसपी जैसे बड़े कंपनियों के स्टॉक यार्ड भी मौजूद हैं।

बंसल ने बताया कि इस मंडी में करीब 500 दुकानदार, 2000 लेबर और 500 कर्मचारी काम करते हैं। इस बाजार से लगभग 5000 परिवारों का भरण-पोषण होता है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने कोई अतिक्रमण किया है। उनका कहना है कि वे अपनी दुकानों के अंदर ही माल रखकर खरीद-बिक्री करते हैं।

कुछ व्यापारियों ने निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि निगम उनके पीछे हाथ धोकर पड़ गया है, जबकि इलाके में सीवर की समस्या कई सालों से बनी हुई है और वे भरे पड़े हैं। इस विरोध प्रदर्शन में महासचिव राकेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष रिंकू बंसल, सहसचिव देवेंद्र गर्ग, कार्यकारिणी सदस्य अमन गुप्ता, अंकुर गोयल, भारत कालरा, बीएस देशवाल, सूयांश लोहिया, विवेक बंसल, रजनीश देवड़ा और वाईडी मेहता जी भी मौजूद थे। व्यापारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं सुना जाएगा, वे अपना काम बंद रखेंगे।

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