भारत के AI विजन को मिला 87 देशों का साथ

नवभारत टाइम्स

भारत के AI विजन को 87 देशों का समर्थन मिला है। नई दिल्ली डेक्लेरेशन को 88 देशों ने अपनाया है। सभी ने AI के सुरक्षित और मानवता की भलाई के लिए इस्तेमाल पर सहमति जताई है। यह घोषणापत्र AI गवर्नेंस के 7 मुख्य मुद्दों पर आधारित है।

87 countries adopt indias ai vision agreement on new delhi declaration
नई दिल्ली घोषणापत्र को 88 देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने अपनाया है। यह घोषणापत्र AI इंपैक्ट समिट से निकला है। इसमें सभी देशों ने माना है कि AI का इस्तेमाल सुरक्षित और पूरी दुनिया की भलाई के लिए होना चाहिए। घोषणापत्र की शुरुआत में सभी देशों ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत को माना। इसका मतलब है कि AI का फायदा पूरी मानवता को मिलना चाहिए। 16 से 21 फरवरी तक चली इंडिया इंपैक्ट समिट में AI गवर्नेंस के 7 मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इन्हीं मुद्दों को भविष्य की वैश्विक नीति का आधार बनाया गया है।

इन 7 मुद्दों में AI संसाधनों का लोकतांत्रीकरण शामिल है। इसका मतलब है कि AI तक सबकी बराबर पहुंच हो। साथ ही, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा मिले। सुरक्षित और भरोसेमंद AI सिस्टम बनाना भी एक अहम मुद्दा है। समाज को सशक्त बनाने के लिए AI तक पहुंच आसान हो। विज्ञान के क्षेत्र में AI का उपयोग बढ़े। मानव संसाधन और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, मजबूत, लचीले और नवाचार वाले AI सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया।
यह घोषणापत्र AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर देता है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि AI तकनीक किसी को नुकसान न पहुंचाए। बल्कि, यह सभी के जीवन को बेहतर बनाए। समिट में हुई चर्चाओं से यह साफ है कि दुनिया AI को एक ऐसे टूल के रूप में देखती है जो मानवता की प्रगति में सहायक हो सकता है। AI का सही इस्तेमाल कैसे हो, इस पर सभी देशों ने मिलकर एक राह निकाली है।