घूसखोरी में CBI नेलखनऊ से 5 दबोचे

नवभारत टाइम्स

सीबीआई ने लखनऊ में एक बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। वॉटर ऐंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (WAPCOS) के प्रॉजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह रैकेट ठेके दिलाने और बिल पास करवाने के लिए 13% तक की घूस वसूलता था।

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सीबीआई की ऐंटी करप्शन ब्रांच ने भुवनेश्वर में चल रहे एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में वॉटर ऐंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (WAPCOS) के प्रॉजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे समेत पांच लोगों को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने लखनऊ के साथ-साथ देवरिया और भुवनेश्वर में भी कई जगहों पर छापेमारी की, जहाँ से 10 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज मिले हैं। यह रैकेट ठेके दिलाने से लेकर बिल पास करवाने तक में 13% तक की रिश्वत वसूलता था।

सीबीआई ने लखनऊ में आशियाना, सुशांत गोल्फ सिटी और गोमतीनगर विस्तार जैसे इलाकों में छापेमारी की। इसके अलावा देवरिया और भुवनेश्वर में भी कई ठिकानों पर तलाशी ली गई। इस छापेमारी में सीबीआई को 10 लाख रुपये नकद मिले हैं। साथ ही, कई ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जो इस भ्रष्टाचार के रैकेट को साबित करने में मदद करेंगे।
इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड प्रॉजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे था। वह कई अधिकारियों, बिचौलियों और उत्तर प्रदेश के कुछ ठेकेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा था। पंकज दुबे का काम था ठेके दिलवाना और फिर उन ठेकों के बिल पास करवाना। इस काम के बदले में वह 13% तक की रिश्वत लेता था। सीबीआई ने लखनऊ में छापेमारी के दौरान पंकज दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ उसके बिचौलिए राहुल वर्मा, ड्राइवर शुभम कुमार पाल, ठेकेदार बबलू सिंह यादव और बबलू के लिए पैरवी करने वाले राजेश कुमार सिंह को भी पकड़ा गया है।

सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और BNS की धारा 61(2) के तहत FIR दर्ज की है। FIR में पंकज दुबे के अलावा उसके भाई पवन दुबे का नाम भी शामिल है। WAPCOS के दो अधिकारी भाभद्युत भूटिया और अभिषेक ठाकुर भी इस मामले में आरोपी हैं। इसके अलावा, इकाना इंटरप्राइजेज के संचालक ठेकेदार बबलू सिंह यादव, उसके सहयोगी रामेश्वर चतुर्वेदी, और बिचौलिए गोपाल मिश्रा और राहुल वर्मा के नाम भी FIR में दर्ज हैं। यह पूरा रैकेट सरकारी पैसों का दुरुपयोग कर रहा था और आम जनता के टैक्स के पैसे को अपनी जेब में भर रहा था।