POSH नियमों का पालन नहीं किया तो "50 हज़ार जुर्माना

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव में कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डीसी अजय कुमार ने सख्त कदम उठाए हैं। सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को POSH एक्ट का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। 10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में आंतरिक समिति का गठन अनिवार्य है।

posh rule violation up to rs 50000 fine for womens safety in workplaces
गुड़गांव के डीसी अजय कुमार ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाया है। उन्होंने सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों को POSH एक्ट का पालन करने का आदेश दिया है। इस नियम का पालन न करने वाले संस्थानों पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। POSH एक्ट के तहत, हर जिले में एक स्थानीय समिति का गठन ज़रूरी है, जो गुड़गांव में हो चुकी है। साथ ही, 10 या उससे ज़्यादा कर्मचारी वाले संस्थानों में एक आंतरिक समिति बनानी होगी। यह समिति कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को जल्दी और निष्पक्ष तरीके से सुलझाएगी।

डीसी अजय कुमार ने साफ कर दिया है कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी संस्थानों को POSH एक्ट के नियमों का पालन करने के लिए कहा है। अगर कोई संस्थान इस कानून को नहीं मानता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना 50,000 रुपये तक हो सकता है।
POSH एक्ट, जिसका पूरा नाम है 'यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम', कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए बनाया गया है। इस एक्ट के तहत, हर जिले में एक स्थानीय समिति का होना ज़रूरी है। गुड़गांव में यह समिति पहले से ही बन चुकी है।

इसके अलावा, जिन संस्थानों में 10 या उससे ज़्यादा लोग काम करते हैं, उन्हें एक आंतरिक समिति बनानी होगी। यह समिति खास तौर पर कार्यस्थल पर काम करने वाली या किसी काम से आई महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को सुनेगी। यह समिति इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेगी और निष्पक्ष तरीके से फैसला सुनाएगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी महिला को कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस न हो।