किसानों को नकद फसल अपनाने के लिए किया प्रेरित

नवभारत टाइम्स

मुरादनगर में कृषि विज्ञान केंद्र ने गन्ना किसानों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसमें किसानों को गन्ने के साथ उड़द और मूंग जैसी दलहन फसलें उगाने की सलाह दी गई। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। विशेषज्ञों ने गन्ने की बुवाई, दूरी, कीट और रोग प्रबंधन की भी जानकारी दी। कई किसानों ने इसमें भाग लिया।

farmers trained to grow pulses like urad moong in sugarcane cultivation taught tricks to increase income
मुरादनगर में कृषि विज्ञान केंद्र ने गन्ना किसानों के लिए एक खास ट्रेनिंग कैंप लगाया। इसमें किसानों को गन्ने की फसल के साथ-साथ उड़द और मूंग जैसी दलहनी फसलें उगाने का तरीका सिखाया गया। इसका मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना है। इस ट्रेनिंग में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने नई तकनीकें सीखीं।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके कुंडू ने किसानों को बताया कि गन्ने की फसल के साथ उड़द और मूंग जैसी फसलें उगाने से उनकी कमाई बढ़ सकती है। उन्होंने इस संयुक्त फसल तकनीक के फायदे समझाए। यह तरीका किसानों को अपनी आय दोगुनी करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञ चंद्रपाल गुप्ता ने भी किसानों को गन्ने की बुवाई का सही तरीका, पौधों के बीच की दूरी, कीटों और बीमारियों से बचाव के उपाय और अच्छी किस्मों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे सही प्रबंधन से गन्ने की पैदावार बढ़ाई जा सकती है।

इस कार्यक्रम में सुबोध चौधरी, सोमनाथ गुप्ता, जितेंद्र कुमार, रमेश सिंह जैसे कई किसान मौजूद थे। उन्होंने विशेषज्ञों से सवाल पूछे और अपनी समस्याओं का समाधान पाया। यह ट्रेनिंग किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई।