बजट सेशन में हाउसिंग बोर्ड भंग होने पर कांग्रेस का ज़ोरदार हंगामा

नवभारत टाइम्स

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत वंदेमातरम् और गवर्नर के अभिभाषण से हुई। सत्र में हाउसिंग बोर्ड को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय करने का सरकारी संकल्प पेश किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दोनों के कार्य समान थे और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।

बजट सेशन में हाउसिंग बोर्ड भंग होने पर कांग्रेस का ज़ोरदार हंगामा
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान 'वंदेमातरम्' से हुई, जिसके बाद राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष ने 'विकसित भारत' की थीम पर आधारित 'विकसित हरियाणा 2047' विजन पर काम करने की बात कही। सत्र के पहले दिन सात विधेयकों को मंजूरी मिली, जो दिसंबर 2025 में पेश किए गए थे। वहीं, मंत्री अनिल विज 20 फरवरी से 2 मार्च तक बजट सत्र में शामिल नहीं होंगे। सरकार ने दशकों से चल रहे हाउसिंग बोर्ड को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में विलय करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में सरकारी संकल्प पेश करते हुए कहा कि आवासन बोर्ड और HSVP के काम एक जैसे थे, और कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यह विलय हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 के तहत हुआ है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लंबे समय से कार्यरत हाउसिंग बोर्ड को भंग कर दिया है। अब इस बोर्ड का विलय हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आवासन बोर्ड और HSVP दोनों के काम लगभग एक जैसे ही थे। इस विलय से कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यह फैसला हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के तहत लिया गया है। अब हाउसिंग बोर्ड की सारी जिम्मेदारियां HSVP संभालेगी।
इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार हाउसिंग बोर्ड को भंग क्यों कर रही है। हुड्डा ने यह भी कहा कि सेक्टरों में प्लॉट आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम बंद होने से आम आदमी प्लॉट नहीं खरीद पा रहा है। अब यह सुविधा सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों तक ही सीमित रह गई है। मुख्यमंत्री सैनी ने जवाब दिया कि बोर्ड को मर्ज किया गया है और कर्मचारियों का भी ध्यान रखा गया है। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने इस मुद्दे पर कहा कि गरीबों के लिए मकान मिलने चाहिए।

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को राष्ट्रगान 'वंदेमातरम्' के साथ शुरू हुआ। इसके बाद राज्यपाल प्रोफेसर असीम घोष ने अपना अभिभाषण दिया। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' की थीम पर ही 'विकसित हरियाणा 2047' विजन पर काम किया जा रहा है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि हरियाणा का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। सत्र के पहले दिन सात विधेयकों को मंजूरी दी गई। ये विधेयक दिसंबर 2025 में पेश किए गए थे और अब इन्हें पारित कर दिया गया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण खबर यह है कि मंत्री अनिल विज 20 फरवरी से 2 मार्च तक बजट सत्र में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र भेजकर सूचित किया है।

सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में कई दशकों से चल रहे हाउसिंग बोर्ड को भंग कर दिया है। इसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) में विलय करने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी संकल्प पेश करते हुए कहा कि आवासन बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, दोनों के कार्य लगभग एक समान थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया है। अब बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की होंगी। सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को भंग करके इसका एचएसवीपी में विलय करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल किया कि ऐसा क्या कारण रहे हैं जो सरकार इसे भंग करने जा रही है। सेक्टरों में आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम बंद होने से आम आदमी प्लॉट खरीद नहीं सकता। अब यह सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों तक सीमित रह गया है। सीएम सैनी ने जवाब दिया कि बोर्ड को मर्ज किया गया है। स्टाफ का भी ध्यान रखा गया है। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा कि इसमें गरीबों के लिए मकान मिलने हैं।