Haryana Government Takes Charge Of Yamuna Cleaning Big Action Plan 21 New Plants By 2028
यमुना की साफ-सफाई कराने का संभाला मोर्चा
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए गंभीर है। मार्च 2028 तक कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। यमुनानगर-जगाधरी में डिपो भी तैयार होगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों के लिए नई एसी बसें चलेंगी। ये कदम शहरी परिवहन को बेहतर बनाएंगे।
हरियाणा सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए पूरी तरह से गंभीर है। इस दिशा में, सरकार ने यमुना एक्शन प्लान के तहत यमुना के पानी की गुणवत्ता सुधारने का संकल्प लिया है। यमुना नदी हरियाणा में दिल्ली पहुंचने से पहले 180 किलोमीटर और दिल्ली से निकलने के बाद 70 किलोमीटर बहती है। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विधानसभा में बताया कि मार्च 2028 तक 146 एमएलडी क्षमता वाले आठ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) और 622 एमएलडी क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाएंगे। ये प्लांट गंदे पानी को साफ करेंगे। इसके अलावा, एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए भी हरियाणा सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने यह भी बताया कि यमुनानगर-जगाधरी में 31 मार्च 2026 तक एक डिपो बनकर तैयार हो जाएगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों और 10 अन्य शहरों में 650 स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बसें चलाई जाएंगी। ये बसें शहर में सफर करने के तरीके को बदल देंगी।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने विधानसभा में अपने अभिभाषण में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमुना नदी की सफाई के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मार्च 2028 तक, यमुना के किनारे कई नए प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें आठ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) होंगे, जिनकी कुल क्षमता 146 एमएलडी होगी। ये प्लांट उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करेंगे। साथ ही, 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 622 एमएलडी होगी। ये प्लांट घरों से निकलने वाले सीवेज यानी गंदे पानी को साफ करेंगे। इन प्लांट्स के बनने से यमुना नदी में गिरने वाले गंदे पानी की मात्रा काफी कम हो जाएगी और पानी की गुणवत्ता सुधरेगी।इसके अलावा, हरियाणा सरकार एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह नहर पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना है। राज्यपाल ने बताया कि यमुनानगर-जगाधरी में एक डिपो का निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। यह डिपो परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
आम लोगों के सफर को आसान बनाने के लिए भी सरकार ने योजना बनाई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ 10 अन्य शहरों में 650 स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बसें शुरू की जाएंगी। ये बसें यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव देंगी और शहरी परिवहन को एक नई दिशा देंगी। इन बसों के चलने से शहरों में भीड़भाड़ कम होगी और लोगों का समय भी बचेगा।