47 देशों में भेजे बच्चों के अश्लील विडियो

नवभारत टाइम्स

बांदा के रामभवन और दुर्गावती को बच्चों के साथ हैवानियत के मामले में फांसी हुई है। उन्होंने अश्लील वीडियो बनाकर अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया सहित 47 देशों में भेजे थे। इंटरपोल ने इन वीडियो और फोटो को सीबीआई को सौंपा था। सीबीआई ने इसी आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।

couple who sent child abuse videos to 47 countries gets death penalty came under interpols radar
बच्चों के साथ हैवानियत के एक भयानक मामले में, बांदा के रामभवन और दुर्गावती नाम के दंपती को फांसी की सजा सुनाई गई है। इन दोनों ने न सिर्फ अपने देश में बल्कि अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कजाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे 47 देशों में अश्लील वीडियो भेजकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैलाई थी। इंटरपोल की नजरों में आने के बाद, उन्होंने दंपती के फोन नंबर, भेजे गए वीडियो और फोटो, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल सबूत इकट्ठा किए। इन सबूतों को पेन ड्राइव में सीबीआई को सौंपा गया, जिसमें बच्चों से जुड़े 34 वीडियो और 679 फोटो थे। इसी पुख्ता सबूतों के आधार पर सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

यह दंपती बच्चों के शोषण से कमाए गए आपत्तिजनक वीडियो और फोटो को सुरक्षित रखने के लिए जीमेल और गूगल फोटो का इस्तेमाल करता था। इतना ही नहीं, रामभवन ने न्यूजीलैंड की वेबसाइट 'मेगा एन जेड' पर सैकड़ों जीबी की स्टोरेज भी खरीद रखी थी, जहां वह ये सब सेव करता था। इस स्टोरेज की कीमत काफी कम थी, मात्र 10 रुपये में 500 जीबी तक की जगह मिल जाती थी। गूगल की तरफ से उसे कई बार चेतावनी भी मिली थी, लेकिन वह बाज नहीं आया। इंटरपोल ने इन्हीं स्रोतों से सारे सबूत जुटाए थे।
इस दंपती की हैवानियत की हदें यहीं खत्म नहीं होतीं। रामभवन ने अपनी ही बहन के बेटे को भी अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया, जिसके कारण वह लंबे समय तक बीमार रहा और उसकी आंखों में भेंगापन आ गया। इतना ही नहीं, हमीरपुर में नहर का काम करवाते समय उसने एक व्यक्ति को मेट का काम दिलवाया और फिर उसके छह बच्चों का भी शोषण किया। कर्वी में जिस मकान में वे किराए पर रहते थे, वहां के मकान मालिक के बच्चों को भी उन्होंने नहीं बख्शा और उनके शोषण के वीडियो बनाए। यह मामला बच्चों के प्रति बढ़ती क्रूरता और डिजिटल दुनिया के दुरुपयोग का एक बेहद डरावना उदाहरण है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर दिया है।