11 Students Deprived Of Cbse 10th Board Exam A Test For Parents Too
पैरंट्स के लिए भी इम्तिहान की घड़ी, बच्चों को नहीं छोड़ रहे अकेला
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव के स्कूल की लापरवाही के चलते 11 छात्र सीबीएसई दसवीं बोर्ड की परीक्षा नहीं दे पाए हैं। तीन पेपर छूटने के बाद माता-पिता बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। एक सप्ताह बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अभिभावक बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे हैं।
गुड़गांव में एक स्कूल की घोर लापरवाही के चलते सीबीएसई दसवीं बोर्ड की परीक्षा से 11 छात्र वंचित रह गए हैं। इस घटना ने छात्रों और उनके माता-पिता को गहरे सदमे और तनाव में डाल दिया है। तीन पेपर छूटने के बाद, अब अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर है। एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है, जिससे माता-पिता बच्चों को एक पल के लिए भी अकेला छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि बच्चों के मन में डर और असुरक्षा बैठ गई है, और उन्हें डर है कि यह मानसिक दबाव कहीं बच्चों को कोई गलत कदम उठाने पर मजबूर न कर दे।
माता-पिता ने बताया कि स्कूल की इस गलती की वजह से बच्चों का पूरा साल बर्बाद हो गया है। वे बताते हैं कि जिस दिन परीक्षा होती है, उससे एक रात पहले और परीक्षा वाले दिन पूरा समय वे बच्चों के साथ ही रहते हैं। वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे इस टेंशन और डर से बाहर आ सकें। हर बच्चे का कोई न कोई पसंदीदा विषय होता है, और जब उस विषय का पेपर होता है तो माता-पिता की सांसें अटकी रहती हैं। वे बच्चों को फोन से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें उनके क्लासमेट्स से भी बात न करने देने की सलाह दे रहे हैं।हालांकि, न चाहते हुए भी बच्चे पढ़ाई और पेपर को लेकर बात शुरू कर देते हैं। घर में ऐसा माहौल बनाया गया है कि बच्चे खुद को अकेला महसूस न करें। उनके पसंदीदा खाने से लेकर हर तरह की एक्टिविटी घर में ही कराई जा रही है। इस पूरी घटना ने स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है और माता-पिता हर पल चिंता में जी रहे हैं।