मेडिकल ऐडमिशन के नाम पर 35.42 लाख रुपए की ठगी

नवभारत टाइम्स

भिवंडी में एक मेडिकल स्टोर मालिक से उनके बेटे को मेडिकल कॉलेज में वीआईपी कोटे से प्रवेश दिलाने का वादा कर 35.42 लाख रुपये की ठगी हुई। प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति ने यह ठगी की। काफी समय बीतने के बाद भी जब एडमिशन नहीं हुआ तो पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

3542 lakhs cheated in the name of medical admission money swindled by luring with vip quota
भिवंडी के काल्हेर में एक मेडिकल स्टोर मालिक को ठगने का मामला सामने आया है। प्रशांत महाजन नाम के एक शख्स ने राजेश चौधरी नाम के मेडिकल स्टोर मालिक को झांसा दिया कि वह उनके बेटे को मेडिकल कॉलेज में 'वीआईपी कोटे' से एडमिशन दिला देगा। इसके लिए महाजन ने चौधरी से कुल 35.42 लाख रुपये ले लिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बेटे का एडमिशन नहीं हुआ, तो राजेश चौधरी को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महाजन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।

यह पूरा मामला भिवंडी के काल्हेर इलाके का है। राजेश चौधरी, जो 'काव्या मेडिकल' नाम से अपना मेडिकल स्टोर चलाते हैं, अपने बेटे निखिल चौधरी का एडमिशन मेडिकल कॉलेज में करवाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ठाणे के बालकूम निवासी प्रशांत महाजन से हुई। महाजन ने राजेश चौधरी को यकीन दिलाया कि वह अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके उनके बेटे का सरकारी मेडिकल कॉलेज में 'वीआईपी कोटे' से एडमिशन करवा सकता है।
महाजन ने 10 मई 2024 से लेकर अब तक राजेश चौधरी से गूगल पे और नकद के ज़रिए कुल 35.42 लाख रुपये ऐंठ लिए। राजेश चौधरी ने महाजन पर भरोसा किया और उसे पैसे देते रहे। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी जब निखिल चौधरी का एडमिशन मेडिकल कॉलेज में नहीं हुआ, तो राजेश चौधरी को शक हुआ। उन्होंने जब महाजन से पैसों की वापसी या एडमिशन के बारे में पूछा, तो वह टालमटोल करने लगा।

तब राजेश चौधरी को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। उन्होंने तुरंत भिवंडी पुलिस से संपर्क किया और 22 फरवरी को प्रशांत महाजन के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रशांत महाजन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उपनिरीक्षक संतोष शिंदे इस मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। पुलिस महाजन को पकड़ने और राजेश चौधरी के पैसे वापस दिलाने की कोशिश कर रही है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो एडमिशन के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले ठगों के जाल में फंस सकते हैं।