Haryana Gets A Grade In Power Reforms Gurugrams Efforts Pay Off
बिजली सुधारों में हरियाणा का दम, गुड़गांव की मेहनत से मिला ए ग्रेड
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा ने बिजली सुधारों में शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय नियामक प्रदर्शन रैंकिंग में राज्य को ए ग्रेड मिला है और देश में आठवां स्थान प्राप्त हुआ है। गुड़गांव सर्कल ने बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने और उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति भी सुधरी है।
हरियाणा को बिजली क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय नियामक प्रदर्शन रैंकिंग में राज्य को 100 में से 88.5 अंक मिले हैं और 'ए' ग्रेड हासिल हुआ है। इस रैंकिंग में हरियाणा देश में आठवें स्थान पर रहा है। यह उपलब्धि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की कड़ी मेहनत का नतीजा है, खासकर गुड़गांव सर्कल ने बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने, लाइन लॉस (बिजली की चोरी या बर्बादी) को कम करने और उपभोक्ताओं को समय पर सेवाएं देने में शानदार काम किया है।
यह रैंकिंग दिखाती है कि हरियाणा की बिजली व्यवस्था अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद हो गई है। गुड़गांव जैसे तेजी से बढ़ते शहर में नए कनेक्शन देना, मीटर बदलना और शिकायतों को तुरंत निपटाना एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन निगम ने इन सभी कामों को बखूबी संभाला है। रिपोर्ट में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और नियामक व्यवस्था को पूरे अंक मिले हैं।डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। समय पर टैरिफ (बिजली की दरें) तय किए गए और उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया। साथ ही, ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में साफ और सस्ती बिजली मिलने का रास्ता और मजबूत होगा।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर संजय चुग ने इस सफलता पर कहा, "यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। गुड़गांव सहित पूरे क्षेत्र में उपभोक्ताओं को बेहतर और भरोसेमंद बिजली देना ही हमारी पहली प्राथमिकता है।"
इस रैंकिंग में हरियाणा का आठवां स्थान आना एक बड़ी बात है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार और बिजली विभाग मिलकर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को निर्बाध बिजली मिले। लाइन लॉस कम होने का मतलब है कि बिजली की बर्बादी कम हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को फायदा होगा। समय पर शिकायतों का समाधान होने से लोगों की परेशानी कम होती है।
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यावरण को फायदा होगा और भविष्य में बिजली की लागत भी कम हो सकती है। यह सब मिलकर हरियाणा को बिजली के मामले में एक अग्रणी राज्य बनाने में मदद करेगा।