Month Of Ramadan Appeal To Help The Needy With Collective Iftar Message Of Brotherhood
माह-ए-रमजान में सामूहिक इफ्तार कर जरूरतमंदों की मदद की होगी अपील
नवभारत टाइम्स•
पवित्र रमजान माह में शहर में सामूहिक इफ्तार का आयोजन होगा। इसका उद्देश्य आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ाना है। आयोजक जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करेंगे। गरीब परिवारों तक राशन और इफ्तार सामग्री पहुंचाने का सहयोग मांगा जा रहा है। मस्जिदों और अन्य जगहों पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
गुड़गांव में पवित्र रमजान के महीने में आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। शहर की विभिन्न मस्जिदों और सामाजिक संगठनों द्वारा रोजेदारों के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रमजान को सिर्फ इबादत का महीना न मानकर, बल्कि इंसानियत, सेवा और भाईचारे का संदेश फैलाने का अवसर बनाना है। आयोजक लोगों से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं, ताकि गरीब परिवारों तक राशन और इफ्तार सामग्री पहुंचाई जा सके।
शहर की प्रमुख मस्जिदों के साथ-साथ अन्य जगहों पर भी सामूहिक इफ्तार की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। रोजा खोलने के समय खजूर, फल और अन्य खाने-पीने की चीजों का इंतजाम किया जा रहा है। सदर बाजार स्थित मस्जिद के इमाम जान मोहम्मद ने बताया कि सामूहिक इफ्तार के लिए पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने रोजेदारों से जकात और फितरा अदा करने की भी अपील की है। जकात और फितरा रमजान के पाक महीने में दिया जाने वाला एक तरह का दान है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ाते हैं और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कई जगहों पर वॉलंटियर्स की टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें कार्यक्रम के संचालन में मदद करेंगी और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का काम करेंगी। गुड़गांव इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल हसीब कासमी ने कहा कि जुमे की नमाज और अन्य कार्यक्रमों में लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि इस रमजान में सिर्फ खाने-पीने की चीजें ही नहीं, बल्कि कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
रमजान का महीना सिर्फ उपवास रखने का नहीं है, बल्कि यह आत्म-सुधार और दूसरों के प्रति दया दिखाने का भी समय है। सामूहिक इफ्तार जैसे आयोजन इस भावना को बढ़ावा देते हैं। जब लोग एक साथ मिलकर रोजा खोलते हैं, तो उनके बीच अपनेपन और भाईचारे की भावना बढ़ती है। यह विभिन्न समुदायों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का एक शानदार तरीका है।
जरूरतमंदों की मदद करना रमजान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जकात और फितरा के माध्यम से लोग अपनी संपत्ति का एक हिस्सा उन लोगों के साथ साझा करते हैं जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। यह सुनिश्चित करता है कि समाज का कोई भी सदस्य भूखा या जरूरतमंद न रहे। वॉलंटियर्स की भूमिका इसमें बहुत अहम है, क्योंकि वे यह सुनिश्चित करते हैं कि यह मदद सही लोगों तक पहुंचे।
इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। वे लोगों को याद दिलाते हैं कि हम सब एक समाज का हिस्सा हैं और हमें एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए। रमजान का महीना हमें सिखाता है कि कैसे हम अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रख सकते हैं और दूसरों के दर्द को महसूस कर सकते हैं। सामूहिक इफ्तार और जरूरतमंदों की मदद करके, हम इस पवित्र महीने की सच्ची भावना को जी सकते हैं। यह गुड़गांव में भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने की एक बेहतरीन पहल है।