After Student Falls Into Pit Nagar Nigams Sleeping Officer Wakes Up Sewer Line Work Starts In Jacobpura
छात्र गिरा तो अफसरों को याद आया गड्ढा भी भरना है
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव के जैकबपुरा में सीवर लाइन डालने का काम अधूरा छोड़ दिया गया था। एक छात्र के गड्ढे में गिरने के बाद नगर निगम हरकत में आया। अधिकारियों को खोदे गए गड्ढे को भरने की सुध आई। मंगलवार को निगम की टीम ने गड्ढा भरा और सड़क दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
गुड़गांव नगर निगम की लापरवाही तब सामने आई जब जैकबपुरा में सीवर लाइन डालने के दौरान खोदे गए तीन फीट गहरे गड्ढे में एक छात्र गिर गया। यह घटना सदर बाजार को जोड़ने वाली सड़क पर हुई, जहां एक सप्ताह से काम चल रहा था। पानी का कनेक्शन टूटने से गड्ढे में पानी भर गया था, लेकिन निगम के अधिकारी तब तक सोए रहे जब तक कि छात्र घायल नहीं हो गया। इस घटना के बाद हरकत में आए निगम ने मंगलवार को गड्ढा भरवाया और सड़क दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
जैकबपुरा और सदर बाजार के आसपास सीवर लाइन बिछाने का काम नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है। इसी कड़ी में जैकबपुरा में कुलवंद स्टूडियो वाली गली को खोदकर छोड़ दिया गया था। खुदाई के दौरान वहां पानी का एक कनेक्शन टूट गया। कनेक्शन ठीक करते समय गड्ढे में पानी भर गया और वह तीन फीट गहरा हो गया। सोमवार दोपहर को इसी पानी से भरे गड्ढे में एक छात्र गिर गया और घायल हो गया।स्थानीय निवासियों, जिनमें गौतम सैनी, वीना बजाज, महेंद्र कुमार, गौरव चिटकारा और अमित कुमार शामिल हैं, ने बताया कि यह काम एक सप्ताह से बंद पड़ा था। उन्होंने कहा, "एक सप्ताह से काम बंद है। अब जब गड्ढे में स्टूडेंट गिरा तो यहां पर निगम को रिपेयर की याद आई है।" लोगों को इस खोदी हुई गली से निकलने में भारी परेशानी हो रही है। गली की हालत ऐसी है कि लोगों को छतों से होकर गुजरना पड़ रहा है। निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार मनमानी से काम कर रहा है और काम पूरा होने से पहले ही गड्ढे को खुला छोड़ दिया गया।
यह घटना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। एक तरफ जहां विकास कार्यों के लिए सड़कें खोदी जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा के इंतजाम न होने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है। निगम को ऐसे हादसों से बचने के लिए काम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए और काम पूरा होने तक गड्ढों को ढककर रखना चाहिए। स्थानीय लोगों की मानें तो ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। निगम को इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।