विदेशी सिविल सेवकों ने देखा सुशासन मॉडल

नवभारत टाइम्स

विभिन्न देशों के वरिष्ठ सिविल सेवकों का एक प्रतिनिधिमंडल गुड़गांव पहुंचा। उन्होंने जिला प्रशासन कार्यालय का दौरा किया। हरियाणा की सुशासन प्रणाली का अनुभव लिया। प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार के विजन और तकनीकी नवाचारों की जानकारी दी गई। पारदर्शिता और डिजिटल तकनीक के उपयोग को प्राथमिकता दी गई है।

foreign civil servants witnessed haryanas good governance model in gurgaon
गुड़गांव में मंगलवार को विभिन्न विकासशील देशों के सीनियर सिविल सेवकों का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था। इसमें श्रीलंका, तंजानिया, माली, नाइजर और बुर्किना फासो जैसे देशों के अधिकारी शामिल थे। उन्होंने जिला प्रशासन कार्यालय का दौरा कर हरियाणा की सुशासन प्रणाली को समझा। प्रतिनिधिमंडल में चीफ सेक्रेटरी, सचिव और मंत्रालयों के सीनियर ऑफिसर थे। डीसी अजय कुमार ने उनका स्वागत किया और हरियाणा सरकार के विजन, पारदर्शी प्रशासन और तकनीकी नवाचारों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल तकनीक को महत्व देती है। परिवार पहचान पत्र के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

यह प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र के एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आया था। इस कार्यक्रम का मकसद विकासशील देशों के अधिकारियों को भारत की सुशासन प्रणाली से रूबरू कराना था। गुड़गांव में उन्होंने जिला प्रशासन के कामकाज को करीब से देखा।
डीसी अजय कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा सरकार की नीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य सरकार तकनीक का इस्तेमाल करके प्रशासन को बेहतर और पारदर्शी बना रही है। परिवार पहचान पत्र जैसी योजनाएं इसका एक बड़ा उदाहरण हैं। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिकारी अपने-अपने देशों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। वे हरियाणा के अनुभव से सीखकर अपने देशों में भी ऐसी ही अच्छी व्यवस्थाएं लागू करने की उम्मीद रखते हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का एक अच्छा मौका था।