नियुक्ति से पहले होगी दस्तावेजों की जांच: मंत्री

नवभारत टाइम्स

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में फर्जीवाड़े के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने सख्त कदम उठाए हैं। आउटसोर्सिंग नियुक्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम जारी किए गए हैं। अब नियुक्ति से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच होगी। पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य होगा। मौजूदा कर्मचारियों के दस्तावेजों की भी जांच कराई जाएगी।

document verification and police verification before appointment minister asim arun

NBT रिपोर्ट, लखनऊ: मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत फर्जी अभिलेखों के आधार पर कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति के मामले सामने आने के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विभाग में आउटसोर्सिंग से जुड़ी नियुक्तियों को पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप हों। शासनादेश में यह प्रावधान होगा कि नियुक्ति से पहले सभी कार्मिकों के शैक्षिक और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पूरी जांच अनिवार्य होगी। इसके साथ ही प्रत्येक कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा।

असीम अरुण ने मौजूदा आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेजों की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।