संभल में सरकारी जमीन पर बने चार मकानों को प्रशासन ने गिरा दिया। आरोप है कि चारों मकान खाद के गड्ढे के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बनाए गए थे। मकान मालिकों ने नोटिस मिलने के बाद रविवार को खुद तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। मामला संभल जिले के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी के मोहल्ला शर्की कर्बला रोड का है। राजस्व विभाग के अनुसार, सोमवार को नायब तहसीलदार बबलू कुमार और हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार के साथ गाटा संख्या 1608 पर नपाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि 1700 वर्गमीटर जमीन खाद के गड्ढे और ग्राम समाज के लिए आरक्षित है। इस जमीन के आधे हिस्से पर कब्जा कर लोगों ने आठ मकान बना लिए। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षित भूमि पर बने मकान हटाने के लिए न्यायालय से धारा 67 के तहत आदेश पारित किए गए हैं। इसके तहत अय्यूब हसन कामिल, मौ. हसन, चांद, असकरी, अली हसन और जुल्फेकार के मकान अवैध रूप से बने पाए गए। रहबर हसन का 100 वर्ग मीटर भूमि पर बना मकान डीएम न्यायालय के आदेश पर 3 मार्च 2023 को कुर्क कर दिया गया था। अली हसन और अरमान रजा उर्फ चांद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। अय्यूब हसन की मौत हो चुकी है। उनके परिवार के सदस्य भी हाई कोर्ट गए हुए हैं। वहीं कस्बे के एक निवासी धारी सलमान हैदर जाफरी ने कहा कि उन्होंने आठ साल पहले राजी हसन से मकान खरीदा था। 2023 में उन्हें पहली बार सरकारी जमीन पर घर होने का नोटिस मिला। इसके बाद सलमान हैदर जाफरी ने मुकदमा दर्ज कराया, जो 24 दिसंबर 2025 को डीएम न्यायालय से खारिज हो गया। 10 जनवरी 2026 को प्रशासन ने नोटिस लगाए। मैंने सरकारी जमीन पर बना मकान का हिस्सा तोड़ दिया।



