मेट्रो प्रॉजेक्ट को एलिवेटेड बनाने के बजाय 'भूमिगत' करने की मांग

नवभारत टाइम्स

गुड़गांवसाइबर सिटी में मेट्रो विस्तार को लेकर सुरक्षा और सुविधा का मुद्दा गरमाया है। पूर्व सैनिकों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने एलिवेटेड मेट्रो के बजाय भूमिगत मेट्रो की मांग की है। उनका तर्क है कि एलिवेटेड ट्रैक सैन्य प्रतिष्ठानों के करीब होने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

cyber city metro demand for underground instead of elevated questions raised on national security
गुड़गांवसाइबर सिटी में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार को लेकर अब सुरक्षा और सुविधा का बड़ा मुद्दा उठ खड़ा हुआ है। पालम विहार से उद्योग विहार फेज-4 और ओल्ड दिल्ली रोड को एनएच-8 से जोड़ने वाले इस एलिवेटेड मेट्रो रूट पर पूर्व सैनिकों, सुरक्षा विशेषज्ञों और आम लोगों ने चिंता जताई है। उनकी मांग है कि इस संवेदनशील इलाके में मेट्रो को ज़मीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बनाया जाए। यह मामला हाल ही में सीएम हरियाणा नायब सिंह सैनी के सामने प्री-बजट बैठक में मेजर डॉ. टीसी राव ने उठाया। सीएम ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानकर विचार करने का भरोसा दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रस्तावित मेट्रो मार्ग गोला-बारूद डिपो, फायरिंग रेंज और कैंटोनमेंट जैसे बहुत ही संवेदनशील सैन्य ठिकानों के बेहद करीब से गुजरेगा। अगर मेट्रो का ट्रैक ऊपर (एलिवेटेड) बनता है, तो इन प्रतिबंधित इलाकों पर सीधी नज़र रखी जा सकेगी। ऊंचाई से सुरक्षा घेरों को देखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चूक साबित हो सकता है। पूर्व सैनिकों का सुझाव है कि उद्योग विहार फेज-IV और सैन्य क्षेत्र के पास कम से कम एक किलोमीटर हिस्से को भूमिगत बनाया जाए।
इस एलिवेटेड मेट्रो रूट से आम लोगों की परेशानी भी बढ़ेगी। गुड़गांव और आसपास के इलाकों में 70 हजार से ज़्यादा पूर्व सैनिक और उनके परिवार रहते हैं। इनमें से रोज़ाना करीब 10 से 15 हजार बुजुर्ग पूर्व सैनिक और उनके आश्रित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक और सीएसडी कैंटीन जाने के लिए इस प्रस्तावित मेट्रो मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। भारी ट्रैफिक की वजह से सिर्फ चार किलोमीटर की दूरी तय करने में उन्हें 40 मिनट तक लग जाते हैं, जिससे इन बुजुर्गों को काफी दिक्कत होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एलिवेटेड मेट्रो बनने से सड़क की चौड़ाई और कम हो जाएगी। निर्माण के दौरान सालों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहेगी। इससे एम्बुलेंस, स्कूल बसों, ऑफिस जाने वालों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

मेजर डॉ. टीसी राव ने सीएम हरियाणा नायब सिंह सैनी के सामने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर विषय है। सीएम ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि इस संवेदनशील इलाके में एलिवेटेड मेट्रो बनाना सुरक्षा के लिहाज़ से ठीक नहीं है।

यह मेट्रो लाइन पालम विहार से उद्योग विहार फेज-4 और ओल्ड दिल्ली रोड को एनएच-8 से जोड़ेगी। इस पर एलिवेटेड लाइन बनाने का प्रस्ताव है। लेकिन पूर्व सैनिक और सुरक्षा विशेषज्ञ चाहते हैं कि इसे अंडरग्राउंड बनाया जाए। उनका तर्क है कि यह इलाका सैन्य प्रतिष्ठानों के करीब है।

लोगों की परेशानी का एक और पहलू यह है कि इस इलाके में रोज़ाना हज़ारों पूर्व सैनिक और उनके परिवार ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक और सीएसडी कैंटीन जाते हैं। एलिवेटेड मेट्रो के निर्माण से ट्रैफिक और बढ़ेगा, जिससे उनकी यात्रा और मुश्किल हो जाएगी।