Fob Escalators Closed Crores Spent But No Facility Public Distressed
FOB के एस्केलेटर किए बंद, लोग पूछ रहे- यह मेंटिनेंस या मनमानी
नवभारत टाइम्स•
द्वारका एक्सप्रेसवे पर बने आधुनिक फुट ओवरब्रिज के एस्केलेटर बंद कर दिए गए हैं। कम आवाजाही का हवाला देकर इन्हें बंद रखा गया है। करोड़ों की लागत से लगे ये एस्केलेटर अब लोगों के काम नहीं आ रहे। एक्सप्रेसवे पर चलने वालों को अब सीढ़ियों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
गुड़गांव: द्वारका एक्सप्रेसवे पर बने आधुनिक फुट ओवरब्रिज (FOB) पर लगे एस्केलेटर दो साल से भी कम समय में बंद कर दिए गए हैं। मार्च 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इन FOB में पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए करोड़ों की लागत से एस्केलेटर लगाए गए थे। लेकिन अब, कम इस्तेमाल का हवाला देते हुए मेंटेनेंस कंपनी ने इन्हें बंद कर दिया है। इससे लोगों को ऊंची सीढ़ियों से ही FOB पार करना पड़ रहा है, जबकि एस्केलेटर खराब नहीं हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे, जो गुड़गांव से 18.9 किलोमीटर लंबा गुजरता है, पर सेक्टर-100 पर गढ़ी और धनकोट चौक पर ये FOB बनाए गए थे। इनका मकसद था कि लोग एक्सप्रेसवे को सुरक्षित रूप से पार कर सकें। इन FOB में खास बात यह थी कि इनमें एस्केलेटर लगे थे, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को भी चढ़ने-उतरने में आसानी होती। लेकिन अब यह सुविधा बंद है।मेंटेनेंस कंपनी का कहना है कि इन एस्केलेटर का इस्तेमाल बहुत कम लोग करते हैं। इसलिए, उन्होंने इन्हें बंद रखने का फैसला किया है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, एक एस्केलेटर बनाने में करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आता है। ऐसे में, करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है।
एक्सप्रेसवे का निर्माण और देखरेख करने वाली कंपनी एल एंड टी के अधिकारी मोहन जोशी ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एस्केलेटर तकनीकी रूप से बिल्कुल ठीक काम कर रहे हैं। लेकिन, "सार्वजनिक इस्तेमाल कम होने के कारण फिलहाल बंद रखे गए हैं।" इसका मतलब है कि एस्केलेटर खराब नहीं हैं, बल्कि जानबूझकर बंद किए गए हैं।
अब लोगों के पास दो ही रास्ते हैं: या तो वे तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच से सड़क पार करें, जो बेहद खतरनाक है, या फिर बंद एस्केलेटर की ऊंची सीढ़ियों से चढ़कर FOB पार करें। यह स्थिति उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है जो इन FOB का इस्तेमाल करते हैं। करोड़ों की लागत से बनी यह सुविधा अब सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गई है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले पर ध्यान देगा और बंद एस्केलेटर को फिर से चालू करवाएगा, ताकि वे सुरक्षित रूप से एक्सप्रेसवे पार कर सकें।