जीव दिखेंगे कैटलॉग में, वेटलैंड की होगी बायो-डायवर्सिटी मैपिंग

नवभारत टाइम्स

सीजी सिटी वेट लैंड में अब जीव-जंतुओं का कैटलॉग बनेगा। एलडीए वीसी ने वेट लैंड की बायो-डायवर्सिटी मैपिंग के निर्देश दिए हैं। इससे यहां के पेड़-पौधों, पक्षियों और जलीय जीवों की पहचान होगी। वेट लैंड का डिमार्केशन भी होगा ताकि अतिक्रमण रोका जा सके। दो विशेषज्ञ वेट लैंड के संरक्षण पर नजर रखेंगे।

जीव दिखेंगे कैटलॉग में, वेटलैंड की होगी बायो-डायवर्सिटी मैपिंग
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बुधवार को सीजी सिटी स्थित वेट लैंड के विकास और संरक्षण को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में यह तय किया गया कि वेट लैंड की बायो-डायवर्सिटी मैपिंग करवाई जाएगी, जिससे वहां मौजूद पेड़-पौधों, पक्षियों, जलीय जीवों और अन्य जैविक प्रजातियों की पहचान कर उनकी एक सूची (कैटलॉग) तैयार की जा सके। यह कदम वेट लैंड को ईको-टूरिज्म का केंद्र बनाने और शहर में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के प्राकृतिक आवास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

एलडीए वीसी ने बताया कि सीजी सिटी में इकाना क्रिकेट स्टेडियम के पीछे विकसित यह वेट लैंड शहर के लिए एक खास जगह बन गया है। यह न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि विभिन्न प्रकार के स्वदेशी और विदेशी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय भी प्रदान करता है। वर्तमान में, कई प्रवासी पक्षी भी यहां आकर डेरा डाले हुए हैं। इस वेट लैंड की साफ-सफाई और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए गोमती टास्क फोर्स और टीएसए (टर्टल सर्वाइवल अलायंस) की मदद ली जा रही है।
वेट लैंड के संरक्षण के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना भी बनाई गई है। प्राधिकरण ने लगभग 37 एकड़ क्षेत्र में इस आर्द्रभूमि (गीली जमीन) को विकसित किया है। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का अतिक्रमण न हो। इसके लिए पूरे वेट लैंड क्षेत्र का डिमार्केशन (सीमांकन) करवाया जाएगा। राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद स्थल पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बायो-डायवर्सिटी मैपिंग के अलावा, वेट लैंड में मौजूद पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की एक विस्तृत सूची भी तैयार की जाएगी। यह जानकारी भविष्य में संरक्षण प्रयासों के लिए बहुत उपयोगी होगी। वेट लैंड के बेहतर प्रबंधन और संरक्षण के लिए दो विशेषज्ञों की तैनाती भी की जाएगी। ये विशेषज्ञ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्राकृतिक जल प्रवाह को बनाए रखना, पानी को शुद्ध करना और पर्यावरण संतुलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की नियमित रूप से निगरानी करेंगे। इन विशेषज्ञों की नियुक्ति वन विभाग के माध्यम से की जाएगी।

इस बैठक में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, मुख्य अभियंता मानवेंद्र सिंह, वन विभाग के एसडीओ चंदन चौधरी, डीपीओ शिवांग वर्मा और टीएसए के प्रतिनिधि डॉ. सौरभ दीवान भी मौजूद रहे। इन सभी की उपस्थिति ने वेट लैंड के विकास और संरक्षण के प्रति प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाया। यह पहल शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने और इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।