Upcida Requested For Permission To Install Gate In Compound 38 Security Concerns Rise
कंपाउंड 38 में गेट लगाने के लिए यूपीसीडा से मांगी अनुमति
नवभारत टाइम्स•
साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया कम्पाउंड 38 में गेट लगाने का मामला यूपीसीडा तक पहुंचा है। श्री बालाजी इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स असोसिएशन ने सुरक्षा कारणों से गेट लगाने की अनुमति मांगी है। परिसर में अराजक तत्वों की गतिविधियों और चोरी की घटनाओं को देखते हुए यह मांग की गई है। यूपीसीडा मामले का सर्वे कर निर्णय लेगा।
साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया के कंपाउंड 38 में गेट लगाने को लेकर हुए विवाद का मामला अब उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल अथॉरिटी ( यूपीसीडा ) तक पहुँच गया है। श्री बालाजी इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन ने यूपीसीडा को पत्र लिखकर कंपाउंड 9 में प्रवेश द्वार पर गेट लगाने की अनुमति मांगी है। एसोसिएशन का कहना है कि गेट न होने के कारण रात में अराजक तत्व परिसर में नशीली दवाओं और शराब का सेवन करते हैं। साथ ही, पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए बसें, ट्रक और अन्य वाहन परिसर में आकर खड़े हो जाते हैं, जिससे सड़क हादसे भी हो चुके हैं। पहले भी यहां चोरियां हो चुकी हैं, इसलिए उद्यमी सुरक्षा के लिए गेट लगवाना चाहते हैं। यूपीसीडा के आरएम प्रदीप सत्यासी ने बताया कि उन्हें लिखित शिकायत मिली है और सर्वे के बाद ही गेट लगाने की अनुमति दी जाएगी।
श्री बालाजी इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स एसोसिएशन ने यूपीसीडा को लिखे पत्र में साफ कहा है कि कंपाउंड 9 में किसी भी प्रवेश द्वार के पास गेट नहीं लगा है। इस वजह से रात होते ही परिसर के अंदर माहौल बिगड़ जाता है। असामाजिक तत्व यहां आकर नशीली दवाओं और शराब का सेवन करते हैं। यह भी बताया गया है कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए बड़े वाहन, जैसे बसें, ट्रक, ट्रैक्टर और ट्रॉलियां, परिसर में आकर खड़ी हो जाती हैं। इससे न केवल अव्यवस्था फैलती है, बल्कि सड़क पर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि इस समस्या के कारण परिसर में सुरक्षा का अभाव है। पहले भी कई बार चोरियां हो चुकी हैं, जिससे उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए, वे चाहते हैं कि प्रवेश द्वार पर गेट लगाने की अनुमति मिले ताकि परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस पूरे मामले पर यूपीसीडा के रीजनल मैनेजर (आरएम) प्रदीप सत्यासी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। यूपीसीडा इस मामले की जांच करेगा। एक सर्वे किया जाएगा यह पता लगाने के लिए कि क्या प्रवेश द्वार पर गेट लगाना संभव है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद ही गेट लगाने की अनुमति देने या न देने का फैसला लिया जाएगा।