छात्रवृत्ति के नियमों में हुआ बदलाव

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के नियमों में बदलाव हुआ है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को इसकी जानकारी दी है। अब निजी संस्थानों में व्यवसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्र भी छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे। यह तभी संभव होगा जब उनका प्रवेश पारदर्शी तरीके से हुआ हो।

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों को इस नए नियम की जानकारी दे दी है। अब निजी संस्थानों में व्यावसायिक और तकनीकी कोर्स में दाखिला लेने वाले एससी-एसटी वर्ग के छात्र, जिन्हें नेशनल या स्टेट स्तरीय प्रवेश परीक्षा के अलावा अन्य पारदर्शी तरीकों से एडमिशन मिला है, वे भी छात्रवृत्ति के लिए योग्य माने जाएंगे। इन पारदर्शी तरीकों में विज्ञापन देकर आवेदन लेना, मेरिट लिस्ट बनाना और योग्यता के आधार पर छात्रों का चयन करना शामिल है।

यूनिवर्सिटी के उप कुलसचिव ने बताया कि यह बदलाव छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। पहले कुछ ऐसे छात्र थे जो प्रवेश परीक्षा के माध्यम से नहीं, बल्कि अन्य तरीकों से निजी कॉलेजों में दाखिला लेते थे और छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते थे। अब ऐसे छात्रों को भी मौका मिलेगा।
इस नई नियमावली के अनुसार, निजी संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने छात्रों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से किया हो। इसका मतलब है कि कॉलेजों को विज्ञापन निकालकर आवेदन मंगाने होंगे। इसके बाद, छात्रों की एक मेरिट लिस्ट तैयार करनी होगी। अंत में, योग्यता के आधार पर ही छात्रों का चयन किया जाएगा।

अगर कॉलेज इन नियमों का पालन करते हुए छात्रों को दाखिला देते हैं, तो वे छात्र दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कदम प्रदेश के हजारों छात्रों के लिए खुशखबरी लेकर आया है, जो आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भर करते हैं।