CDO ने की जल संचयन कार्यों की समीक्षा

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने जल संचयन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को जल संरक्षण स्ट्रक्चर की जानकारी पोर्टल पर तुरंत देने को कहा। पिछले साल बने रिचार्ज स्ट्रक्चर का रखरखाव और फीडिंग दोबारा होगी। मृत बोरवेल और हैंडपंप की सूची भी मांगी गई है। यह जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ghaziabad cdo reviews water conservation works directs departments to provide information on portal
गाजियाबाद में जल संरक्षण को लेकर एक अहम बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव गोपाल ने राष्ट्रीय जल मिशन के तहत जल संचयन–जल भागीदारी ( जेएसजेबी 2.0 ) की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि जल संरक्षण के लिए बनाए गए ढांचों की जानकारी तुरंत पोर्टल पर दें। साथ ही, पुराने रिचार्ज स्ट्रक्चर का रखरखाव और उनकी दोबारा फीडिंग भी कराई जाए। ग्राम पंचायतों और नगर निकायों से मृत बोरवेल और हैंडपंपों की सूची उनके अक्षांश-देशांतर के साथ भेजने को कहा गया।

विकास भवन में शुक्रवार को हुई इस बैठक में सीडीओ अभिनव गोपाल ने जल संरक्षण के कामों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने अभी तक जल संरक्षण के तहत बनाए गए ढांचों की जानकारी पोर्टल पर नहीं दी है, वे फौरन प्रपत्र के अनुसार पूरा विवरण जमा कराएं। यह जानकारी जल संचयन और जल भागीदारी (जेएसजेबी 2.0) योजना के तहत बहुत जरूरी है।
सीडीओ ने पिछले साल बनाए गए रिचार्ज स्ट्रक्चर के नियमित रखरखाव पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि इन ढांचों की देखरेख ठीक से होनी चाहिए और उनकी जानकारी को फिर से पोर्टल पर अपडेट किया जाना चाहिए। इससे पता चलेगा कि जल संरक्षण के प्रयास कितने सफल हो रहे हैं।

बैठक में सभी ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को एक खास काम सौंपा गया। उन्हें अपने इलाके में मौजूद मृत बोरवेल और हैंडपंपों की पहचान करनी होगी। इन बोरवेल और हैंडपंपों का अक्षांश-देशांतर (यानी उनकी सटीक लोकेशन) के साथ एक सूची बनाकर भेजनी होगी। यह जानकारी जल स्रोतों के प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।