ग्रीन व्यू सोसायटी के 4 और टावर तोड़ने की तैयारी

नवभारत टाइम्स

सेक्टर 37डी स्थित एनबीसीसी ग्रीन व्यू सोसायटी के चार और टावर गिराए जाएंगे। जिला प्रशासन ने ए, बी, सी और डी टावर तोड़ने की मंजूरी दे दी है। ये टावर जर्जर हो चुके हैं और रहने लायक नहीं हैं। आईआईटी दिल्ली, मुंबई और सीबीआरआई ने इन्हें असुरक्षित घोषित किया था।

4 more towers of green view society to be demolished big decision by district administration
सेक्टर-37डी स्थित एनबीसीसी ग्रीन व्यू सोसायटी के ए, बी, सी और डी टावर को गिराने का जिला प्रशासन ने फैसला लिया है। जिला उपायुक्त अजय कुमार ने एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को इन जर्जर टावरों को तोड़ने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले इसी सोसायटी के ई, एफ और जी टावर को असुरक्षित घोषित कर गिराया जा चुका है। आईआईटी दिल्ली, मुंबई और सीबीआरआई जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं ने इन टावरों को रहने के लायक नहीं बताया था। इस संबंध में 15 दिसंबर को अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें एनबीसीसी के प्रतिनिधि और फ्लैट के मालिक भी शामिल थे।

जिला प्रशासन ने एनबीसीसी ग्रीन व्यू सोसायटी के चार और टावरों को गिराने का बड़ा फैसला सुनाया है। जिला उपायुक्त अजय कुमार ने खुद एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-37डी में स्थित ए, बी, सी और डी टावरों को तोड़ने की इजाजत दे दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ये टावर अब रहने लायक नहीं बचे हैं।
दरअसल, इसी सोसायटी के ई, एफ और जी टावर को पहले ही असुरक्षित मानकर गिराया जा चुका है। अब ए, बी, सी और डी टावर भी बुरी तरह जर्जर हो गए हैं। आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मुंबई और सीबीआरआई जैसी जानी-मानी संस्थाओं ने इन टावरों की हालत का जायजा लिया था। इन संस्थाओं ने साफ तौर पर कहा था कि ये टावर अब लोगों के रहने के लिए सुरक्षित नहीं हैं।

इस गंभीर मामले पर 15 दिसंबर को एक अहम बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ने की थी। बैठक में एनबीसीसी के अधिकारी और सोसायटी के फ्लैट मालिकों ने भी हिस्सा लिया था। सभी की मौजूदगी में यह फैसला लिया गया कि इन जर्जर टावरों को गिराना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।