1300 गज के फार्म हाउस पर कब्ज़े के लिए हुई थी हत्या

नवभारत टाइम्स

पानीपत में नेत्ररोग अधिकारी जयदीप राठी की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई। 1300 गज के फार्म हाउस पर कब्जे के लिए यह साजिश रची गई। आरोपियों ने जयदीप राठी का अपहरण कर हत्या कर दी। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शव की तलाश के लिए नहर में तलाशी अभियान जारी है।

1300 गज के फार्म हाउस पर कब्ज़े के लिए हुई थी हत्या
पानीपत के सरकारी अस्पताल के नेत्ररोग अधिकारी जयदीप राठी की हत्या का मामला 130 गज के फॉर्महाउस की प्रॉपर्टी के झगड़े से जुड़ा है। जयदीप राठी, जो आईएनएलडी जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई थे, का 27 दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि यह पूरी साजिश जमीन पर कब्जा करने के लिए रची गई थी। इस मामले में अब तक 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक अभी भी फरार है। पुलिस शव के अवशेषों की तलाश के लिए नरवाना ब्रांच नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

पुलिस के अनुसार, जेडी फॉर्म हाउस प्रॉपर्टी के दो हिस्से थे। पहला हिस्सा 1300 वर्ग गज का था, जिसकी रजिस्ट्री जयदीप राठी के नाम पर थी। दूसरे हिस्से के लिए संतोष सैनी ने जयदीप के नाम पर एक एग्रीमेंट कराया था। इस एग्रीमेंट के तहत ढाई करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका था, लेकिन 40-45 लाख रुपये बाकी थे। संतोष सैनी ने इस हिस्से की रजिस्ट्री प्रीतम और विनोद के नाम करवा दी। आईएनएलडी जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी ने बताया कि उन्होंने धोखाधड़ी के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया और स्टे ऑर्डर भी हासिल कर लिया था, लेकिन विवाद नहीं रुका।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस साजिश की शुरुआत पानीपत के स्काईलार्क में हुई एक मीटिंग से हुई। इस मीटिंग में रविंद्र राठी, सुनील शर्मा और हरेंद्र राठी ने प्रीतम के साथ मिलकर यमुनानगर के जसवंत उर्फ जस्सी और जलजीत उर्फ भोला से संपर्क किया। 27 दिसंबर की रात को, आरोपियों ने देसी पिस्तौल से जयदीप की गर्दन में गोली मार दी। जयदीप की मौत कार में ही हो गई।

यह प्रॉपर्टी का झगड़ा काफी समय से चल रहा था। जयदीप राठी के नाम पर एक हिस्से की रजिस्ट्री थी, जबकि दूसरे हिस्से के लिए एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट के तहत पैसे का भुगतान भी हो रहा था, लेकिन कुछ पैसे बाकी थे। इसी बीच, संतोष सैनी ने दूसरे हिस्से की रजिस्ट्री प्रीतम और विनोद के नाम करवा दी, जिससे विवाद और बढ़ गया। कुलदीप राठी ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी और स्टे ऑर्डर भी प्राप्त किया, लेकिन आरोपियों ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए जयदीप राठी की हत्या कर दी। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है और नहर में शव के अवशेषों को खोजने का प्रयास कर रही है। यह घटना प्रॉपर्टी के लालच और उसके लिए रची गई खूनी साजिश को उजागर करती है।