स्कूलों में टॉयलेट्स मिले गंदे तो प्रिंसिपल पर होगी कार्रवाई

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों में अब शौचालयों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। गंदे शौचालय मिलने पर प्रधानाचार्यों पर सख्त कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। जिले के कई स्कूलों में सफाईकर्मी नहीं हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती है। वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट भी जारी कर दी गई है।

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फरीदाबाद में शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र की वार्षिक और सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है, साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अंक सुधार का मौका भी दिया जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत गंदे पाए जाने पर मुख्याध्यापकों और प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई होगी। हालांकि, जिले के 40% से अधिक स्कूलों में सफाईकर्मी न होने के कारण स्कूल प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे शिक्षक और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) मुश्किल में हैं।

इस शैक्षणिक सत्र की वार्षिक और सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की डेटशीट जारी हो चुकी है। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को परीक्षा की तैयारी और सुचारु संचालन के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अपने अंकों को सुधारने का एक और मौका मिलेगा। परीक्षा के नतीजे सीधे पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे। फरीदाबाद जिले में कुल 378 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक लगभग 1.25 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से करीब 80 हजार विद्यार्थी पहली से आठवीं कक्षा तक के हैं।
शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट शुक्रवार को जारी की। पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं 13 मार्च से 16 मार्च तक होंगी। वहीं, छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 11 मार्च से 18 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से मुहैया कराए जाएंगे। जो विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में अपने अंक बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। बाल वाटिका से पांचवीं कक्षा तक की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक होंगी। छठी से आठवीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 20 अप्रैल से 1 मई तक होंगी। शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यार्थियों को रिवीजन भी कराया जाएगा।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लो ने बताया कि वार्षिक परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी गई है और सभी स्कूलों को परीक्षा की तैयारी व सफल आयोजन के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम समय पर पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।

दूसरी ओर, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई और उचित रख-रखाव को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने साफ कहा है कि विद्यार्थियों की स्वच्छता और स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि स्कूलों में शौचालय गंदे पाए गए तो संबंधित मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इन निर्देशों के बाद जिले के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य असमंजस की स्थिति में हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि जिले के 40% से अधिक सरकारी स्कूलों में सफाईकर्मी तैनात नहीं हैं। ऐसे में, बिना पर्याप्त संसाधनों के सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना स्कूल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

जिले के 378 सरकारी स्कूलों में लगभग 1.25 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लॉक के अधिकांश स्कूलों में सफाईकर्मी उपलब्ध नहीं हैं। कई स्कूलों में तो शिक्षक खुद पैसे इकट्ठा करके सफाई का काम करवाते हैं। जिन स्कूलों में सफाईकर्मी नहीं हैं, वहां इसके लिए मासिक बजट भी जारी नहीं होता है। कुछ स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) और पंचायतों की मदद से अस्थायी तौर पर सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। गवर्नमेंट स्कूल संत नगर, एनआईटी-2, प्रहलादपुर, बुरैना, फतेहपुर चंदीला और एनआईटी-3 सहित कई स्कूलों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है।

हरियाणा प्राइमरी टीचर असोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह ने इस मामले पर कहा कि सफाईकर्मियों की नियुक्ति किए बिना कार्रवाई की चेतावनी देना उचित नहीं है। वहीं, पूर्व जिला प्रधान विजय मुदगिल ने बताया कि सफाई के लिए राशि छह महीने में एक बार मिलती है, जिससे व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो जाता है।