n सुनील गौड़, फरीदाबाद
भारत में सार्वजनिक या निजी भूमि पर पीपल, बरगद जैसे पेड़ों के पास अवैध रूप से धार्मिक ढांचा खड़ा करना और धीरे-धीरे उसे धार्मिक स्थल में बदल देना आम समस्या है। शुरुआत में इसकी अनदेखी प्रशासन पर भारी पड़ती है, लेकिन एक जागरूक महिला की वजह से ग्रेटर फरीदाबाद में अमृता अस्पताल के गेट नंबर एक के आसपास इस तरह का अवैध निर्माण होने से बच गया। पीपल के पेड़ के नीचे छोटी मूर्ति रखकर शेड डालने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन महिला ने उनका विरोध कर पुलिस बुला ली। इसके बाद निर्माण कार्य रुक गया। यह पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गेट नंबर-1 के आसपास वर्षों पुराना पीपल का पेड़ है। यह पेड़ पहले खेतों के बीचोंबीच था, लेकिन वर्षों पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने खेत एक्वायर कर मास्टर रोड तैयार किया। यह पेड़ मास्टर रोड के किनारे आ गया। पेड़ के नीचे राहगीर आराम करते हैं। अब इस पेड़ के आसपास निर्माण कर धार्मिक स्थल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई। पहले छोटी मूर्ति रखी गई। फिर कुछ समय बाद बड़ी मूर्ति स्थापित की गई। अब यहां पर शेड डालने की तैयारी हो रही थी। ईंट-बजरी का बंदोबस्त किया गया था और राजमिस्त्री भी लगे हुए थे। लेकिन इस रोड से हर रोज गुजरने वाली महिला ने शेड डालने का कारण पूछा, लेकिन मौके पर मौजूद लोग संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। महिला की लोगों के साथ खूब कहासुनी हुई। महिला ने 112 नंबर पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और निर्माण कार्य रूकवा दिया।

