n NBT न्यूज, फरीदाबाद
एनआईटी-3 में धार्मिक स्थल तोड़ने के बाद रातोंरात एफएमडीए ने रोड बना दी, लेकिन 14 दिनों से एसजीएम नगर की ओर आने वाली रोड का पानी नहीं निकला है। पानी एक जगह रहने के कारण रोड वनवे हो गया है। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बताया जा रहा है कि एसजीएम नगर का पानी रोड पर आता है और नेहरू कॉलोनी नजदीक होने से तोड़फोड़ के कारण नालियों में मलबा जमा हो गया। इस वजह से पानी की निकासी नहीं हो रही है। इस बारे में निगम अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है।
एनआईटी-3 जी ब्लॉक के सामने मेन रोड से लोग गुड़गांव और दिल्ली आसानी से जा सकते हैं। ऐसे ही उन शहरों से लोगों का फरीदाबाद आना-जाना होता है। इस रोड किनारे नाली की सफाई न होने से पानी रोड पर आ गया है। नाले का दूषित पानी और गंदगी सड़क पर फैल गई है, जिसके परिणामस्वरूप इस रोड पर वाहनों का यातायात और पैदल यात्रियों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। सड़क पर जमा हुए इस गंदे पानी और कचरे के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है और बच्चे तथा बुजुर्गों का इस रोड से निकलना दूभर हो गया है।
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
प्रशासन के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठ रहे हैं। इसी सड़क किनारे निगम द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। इस बोर्ड में एनजीटी का हवाला देते हुए सड़क पर गंदगी या मलबा डालने वालों पर 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है। अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन की लापरवाही और नाले की समय पर सफाई न होने के कारण जो नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और गंदगी का अंबार लगा है, इसके लिए किसी अधिकारी या विभाग को दोषी ठहराया जाएगा? क्या प्रशासन इस अव्यवस्था के लिए खुद पर भी वही जुर्माना लगाएगा?

