n NBT रिपोर्ट, गुरुग्राम
नगर निगम एरिया में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए अब निगम नए सिरे से प्लान तैयार करेगा। हाल ही में सीएम की बैठक में रेट अधिक होने के कारण 450 करोड़ का टेंडर कैंसल कर दिया गया था। अब दोबारा डीपीआर तैयार की जाएगी और मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। नई रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी होने के बाद ही पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दूसरी ओर, नगर निगम में फिलहाल काम कर रही एजेंसियों का कार्यकाल जुलाई तक है। 5 साल के लिए घरों से कूड़ा उठाने का नया प्लान शुरू होने में समय लगने के चलते मौजूदा एजेंसियों का समय बढ़ाया जाएगा।
नगर निगम एरिया में पिछले दो साल से प्राइवेट एजेंसियों को 6-6 माह की अवधि के लिए घरों से कूड़ा उठाने का काम दिया जा रहा है। इससे पहले इकोग्रीन ने कई वर्षों तक यह काम संभाला था। निगम ने 5 साल के लिए 450 करोड़ का प्लान बनाया था, जिसमें 800 वाहनों के अलावा 1500 कर्मचारी लगाने का प्रावधान था। आरएफपी जारी होने के बाद इसे सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन पिछले सप्ताह सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में टेंडर रेट अधिक होने के कारण रद्द कर दिया गया। अब प्लान नए सिरे से तैयार कर दोबारा टेंडर किया जाएगा।
हर दिन निकलता है 1500 टन कूड़ा: शहर में रेजिडेंशल, कमर्शल, इंडस्ट्रियल सहित साढ़े 5.5 लाख से अधिक यूनिट हैं, जहां से हर दिन करीब एक हजार 500 टन कचरा निकलता है। टेंडर कैंसल होने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई थी कि घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था में दिक्कत न बढ़ जाए।

