n दीपाली श्रीवास्तव, गुड़गांव
मार्च में देश का सबसे प्रदूषित शहर रहने वाला गुड़गांव मई में 20वें स्थान पर पहुंच गया है। यह गिरावट राहत की खबर जरूर है, लेकिन पूरे हरियाणा की तस्वीर अब भी चिंता बढ़ाने वाली है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की मई रिपोर्ट के अनुसार देश के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के 12 शहर हैं। इनमें चरखी दादरी देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि फरीदाबाद 7वें स्थान पर रहा।
मई में देश के 252 शहरों में से 229 शहरों का पीएम-2.5 स्तर नैशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड के भीतर रहा, लेकिन हरियाणा पीछे दिखाई दिया। राज्य के 23 में से 13 शहर तय मानकों से ऊपर दर्ज किए गए। हालांकि इसी दौरान गुड़गांव ने सुधार दिखाया और मार्च के मुकाबले 20वें स्थान तक पहुंच गया। चरखी दादरी पहले स्थान पर रहा। पचगांव तीसरे, जींद छठे, फरीदाबाद सातवें, बहादुरगढ़ नौवें, मानेसर 11वें, धारूहेड़ा 12वें, कैथल 14वें, पानीपत 15वें, भिवानी 17वें, करनाल 18वें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों की संख्या ही बताती है कि हरियाणा में प्रदूषण केवल स्थानीय नहीं बल्कि क्षेत्रीय समस्या बन चुका है। CREA के एनालिस्ट मनोज कुमार ने बताया कि गुड़गांव में पिछले दिनों तापमान में कमी, हवा की गति बढ़ने व वातावरण में बेहतर वेंटिलेशन के कारण प्रदूषकों का फैलाव अधिक प्रभावी रहा। जिससे PM2.5 स्तर में गिरावट आई है। पर्यावरण प्रेमी विजय कुमार आर्य ने बताया कि रैंकिंग में सुधार सकारात्मक संकेत है लेकिन स्थायी उपलब्धि नहीं मान सकते। असली चुनौती तब होगी जब सर्दियों में भी पीएम-2.5 स्तर नियंत्रित रहे।

