Heavy Crowd In Trains On Holi No Space To Board Hundreds Of Passengers Missed Trains
सीटें तो दूर, ट्रेन में चढ़ने की जगह भी नहीं
नवभारत टाइम्स•
होली के पर्व पर घर जाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। ट्रेनों में सीटें तो दूर, चढ़ने की भी जगह नहीं है। कई यात्री ट्रेन छूटने से वंचित रह गए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
गाजियाबाद में होली के त्योहार के कारण लोगों का अपने घरों की ओर लौटना शुरू हो गया है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भारी भीड़ देखी जा रही है। ट्रेनों और बसों में जगह मिलना मुश्किल हो गया है, और कई यात्री अपनी ट्रेनें छूटने से भी चूक गए। दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले लोगों को चार दिन की छुट्टी मिल रही है, जिसके चलते वे शनिवार से ही यात्रा शुरू कर चुके हैं। ट्रेनों की रिजर्वेशन सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं और जनरल कोच में भी पैर रखने की जगह नहीं है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
होली का त्योहार नजदीक आते ही लोगों की अपने घरों की ओर वापसी शुरू हो गई है। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हालात ऐसे हैं कि यात्रियों को ट्रेन या बस में चढ़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सीटें तो दूर, बोगी के अंदर घुसना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। शनिवार को बस स्टैंड पर भी यही नजारा देखने को मिला, जहां लोग टैक्सी और निजी बसों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे थे।शनिवार सुबह से ही रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटरों और प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा थी। आरपीएफ और जीआरपीएफ ने भीड़ को संभालने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर आती, यात्री उसमें सवार होने के लिए दौड़ पड़ते। स्थिति इतनी गंभीर थी कि डिब्बों के अंदर तो छोड़ ही दीजिए, दरवाजों पर भी पैर रखने की जगह नहीं बची थी। इस अफरातफरी में सैकड़ों यात्री अपनी ट्रेनें पकड़ने से चूक गए।
दो मार्च को होलिका दहन और चार मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी। प्रदेश सरकार ने तीन मार्च को छुट्टी घोषित की है। दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करने वाले लोगों को लगातार चार दिनों की छुट्टी मिल रही है, इसी वजह से लोग शनिवार से ही अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। ट्रेनों की रिजर्वेशन सीटें पहले ही पूरी तरह बुक हो चुकी थीं। जनरल कोच में तो पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही थी। अतिरिक्त ट्रेनें समय पर न पहुंचने के कारण लोग नियमित ट्रेनों से ही सफर करने को मजबूर थे। सोमवार से शनिवार तक एक लाख से अधिक टिकटों की बिक्री हुई है। बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, मऊ एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, कालका मेल, उत्कल एक्सप्रेस और योगा एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ईएमयू ट्रेनों में भी बड़ी संख्या में यात्रियों ने सफर किया।
आरपीएफ इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रेन आने से पहले माइक से यात्रियों को पीली लाइन के पीछे रहने, ट्रेन रुकने के बाद ही चढ़ने और एफओबी की सीढ़ियों पर इंतजार न करने की सलाह दी जा रही है। स्टेशन के बाहर आने-जाने वाले रास्तों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। एक्स-रे मशीन से जांच के बाद ही यात्रियों को स्टेशन के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है।
जीआरपी इंस्पेक्टर दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि प्लेटफार्म-एक और दो पर अधिक भीड़ को देखते हुए एक अतिरिक्त चौकी बनाई गई है। इसका उद्देश्य चोरी और छीना झपटी जैसी घटनाओं को रोकना है। साथ ही, किसी भी समस्या की स्थिति में यात्रियों को तुरंत सहायता मिल सके। प्रत्येक शिफ्ट में करीब आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। स्टेशन पर टीटी स्टाफ को भी प्लेटफार्म पर तैनात किया गया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।