उद्योगों के लिए भी बजट में हुईं बड़ी घोषणाएं, अब बढ़ेगा निवेश

नवभारत टाइम्स

प्रदेश सरकार के बजट में उद्योगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट व्यवस्था और 45 दिनों में डिजिटल प्रमाण पत्र जारी करने से पारदर्शिता बढ़ेगी। वेडिंग सिटी बनने से उद्यमियों को लाभ होगा। सिंगल विंडो सिस्टम और 'लैंड ऑन लीज' नीति से निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

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गुड़गांव, हरियाणा सरकार ने सोमवार को एक ऐसा बजट पेश किया है जो गुड़गांव के उद्योगों के लिए कई अच्छी खबरें लेकर आया है। इस बजट को उद्योगपतियों ने उनके हित में बताया है और सरकार के प्रस्तावों का जोरदार स्वागत किया है। बजट में लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे 45 दिनों के अंदर डिजिटल प्रमाण पत्र मिल जाएगा। इससे काम में पारदर्शिता आएगी और मंजूरी जल्दी मिलेगी। गुड़गांव को वेडिंग सिटी बनाने की घोषणा भी हुई है, जिससे यहां के उद्यमियों को बड़ा फायदा होगा। गुड़गांव उद्योग असोसिएशन के प्रेसिडेंट प्रवीण यादव ने कहा कि उद्योगों की समस्याओं को सुलझाने के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा, जो एक बहुत अच्छी बात है।

पीएफटीाई के चेयरमैन दीपक मैनी ने बताया कि औद्योगिक प्लॉट के लिए "लैंड ऑन लीज" नीति लागू करने की घोषणा भी बहुत अहम है। एनसीआर में जमीन की कीमतें बहुत ज्यादा हैं, ऐसे में यह नीति उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। वे लीज पर जमीन लेकर अपनी फैक्ट्रियां लगा सकेंगे। गुड़गांव के साथ-साथ दूसरे जिलों में भी निवेशकों को सुविधा देने के लिए कॉमन इंडस्ट्रियल सेक्रेटेरिएट्स, एडवांस रूलिंग पोर्टल, एमएसएमई के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर, एमएसएमई ग्लोबल इंडस्ट्री मैचमेकिंग प्रोग्राम और रिवर्स बायर-सेलर मीट जैसे कदम उठाए गए हैं। ये सभी कदम गुड़गांव के उद्योगों को नई रफ्तार देंगे।
जीसीसीआई के अध्यक्ष विकास जैन ने कहा कि औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 500 करोड़ रुपये का "सक्षम" फंड और जैव-फार्मा और जीवन विज्ञान क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की पहल बहुत सराहनीय है। यह बजट गुड़गांव के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। उद्यमियों को अब जमीन मिलने में आसानी होगी और सरकारी मंजूरी भी जल्दी मिलेगी। वेडिंग सिटी बनने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और इससे जुड़े उद्योगों को भी फायदा होगा। सिंगल विंडो सिस्टम से उद्योगपतियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। "लैंड ऑन लीज" नीति से छोटे और मध्यम उद्योग भी आसानी से अपनी इकाइयां स्थापित कर पाएंगे। यह बजट गुड़गांव को एक बड़ा औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।