RWA अध्यक्ष व सचिव पर 25-25 हज़ार का जुर्माना

नवभारत टाइम्स

अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में बिजली बिल में मेंटिनेंस शुल्क जोड़ने का मामला गरमाया। हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ने आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष और सचिव पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के आदेशों का पालन न करने पर यह कार्रवाई हुई। निवासियों की याचिका पर आयोग ने यह फैसला सुनाया।

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सेक्टर-84 की अंतरिक्ष हाइट्स सोसायटी में बिजली बिल में मेंटिनेंस शुल्क जोड़ने के मामले में हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ( HERC ) ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने सुनवाई में पेश न होने पर सोसायटी की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष और सचिव पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के आदेशों का पालन न करने के कारण लगाया गया है। निवासियों अंकुर गुप्ता, गोपाल कृष्ण, आशीष प्रताप राव और करनदीप ने आयोग में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पहले उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने आरडब्ल्यूए को निर्देश दिए थे कि बिजली बिल से मेंटिनेंस शुल्क अलग किया जाए, लेकिन सोसायटी प्रबंधन ने इन आदेशों को लागू नहीं किया। आशीष प्रताप राव ने कहा कि मंच ने पहले ही बिलिंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे, फिर भी सोसायटी में वही पुराना सिस्टम चल रहा है। इस मामले में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ-साथ बिजली निगम के अधिकारी भी पक्षकार बनाए गए थे, जिनमें मानेसर डिविजन के कार्यकारी अभियंता और खेड़कीदौला की एसडीओ भी शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान, आयोग ने पिछली तारीखों पर अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए। बिजली निगम के वकील ने कार्यकारी अभियंता की अनुपस्थिति के लिए मेडिकल पर्ची पेश करते हुए जुर्माने से माफी की मांग की। वहीं, आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि अपनी अनुपस्थिति का कोई कारण नहीं बता सके।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सोसायटी के निवासियों ने आरोप लगाया कि उनका बिजली बिल और मेंटिनेंस शुल्क एक साथ जोड़ा जा रहा है। यह व्यवस्था नियमों के अनुसार नहीं थी। निवासियों ने इस समस्या को लेकर उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच का दरवाजा खटखटाया था। मंच ने आरडब्ल्यूए को आदेश दिया था कि वह बिजली बिल से मेंटिनेंस शुल्क को अलग करे और बिलिंग व्यवस्था में सुधार करे।

लेकिन, सोसायटी प्रबंधन ने इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया और पुरानी व्यवस्था जारी रखी। इससे नाराज होकर निवासियों ने हरियाणा बिजली विनियामक आयोग ( HERC ) में याचिका दायर की। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई बुलाई। सुनवाई में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों और बिजली निगम के अधिकारियों को भी पेश होने का निर्देश दिया गया था।

आयोग ने पाया कि आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष और सचिव सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। यह उनकी तरफ से आदेशों की अवहेलना थी। इसलिए, आयोग ने उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आयोग का यह कदम उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उन सभी सोसाइटियों के लिए एक चेतावनी है जो उपभोक्ता मंच के आदेशों का पालन नहीं करती हैं।