फर्ज़ी दस्तावेज़ तैयार कर हड़प ली ज़मीन

नवभारत टाइम्स

गाज़ियाबाद में करोड़ों की ज़मीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए करीब 1500 वर्गगज ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया। बागपत के ओमपाल शर्मा ने तरुण शर्मा, कुलवंत राय अरोड़ा, बलदेव और अन्य के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है।

ghaziabad revelation of grabbing crores of land with fake documents case registered
गाजियाबाद नगर कोतवाली क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की संपत्ति हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बागपत के बड़ौत निवासी ओमपाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने करीब 1500 वर्गगज जमीन पर कब्जा करने के लिए धोखाधड़ी की है। इस मामले में उन्होंने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त से शिकायत की है, जिसके बाद नगर कोतवाली में तरुण शर्मा, कुलवंत राय अरोड़ा, बलदेव और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री तरुण शर्मा और अन्य लोगों के नाम कर दी गई, जबकि मूल दस्तावेजों में सिर्फ करीब 900 वर्गगज भूमि का उल्लेख है।

ओमपाल शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि लाइब्रेरी रोड घंटाघर पर उनका दफ्तर है। नगर कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर गांधी नगर के बराबर वाली सड़क से चौधरी मोड़ के बराबर तक उनकी जमीन है। यह जमीन राजस्व अभिलेखों में बंशी पुत्र अमोलक के नाम दर्ज है और वह इसके मालिक व काबिज हैं। कुछ समय पहले जब वह अपनी जमीन पर निर्माण करा रहे थे, तभी नेहरू नगर निवासी तरुण शर्मा अपने 8-10 हथियारबंद साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जमीन को अपनी बताते हुए निर्माण रुकवा दिया और वहां से नहीं हटने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
जब ओमपाल शर्मा ने आरोपियों से जमीन के कागजात दिखाने को कहा, तो उन्होंने कुछ पुराने बैनामे दिखाए। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन उन्होंने कुलवंत राय और बलदेव राय से खरीदी है। इसके बाद उन्होंने मौके पर बंशी के वारिसों को बुलाया। वारिसों ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ 2020 में एसएसपी गाजियाबाद से शिकायत की जा चुकी है कि वे जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

ओमपाल शर्मा ने बताया कि 1991 में किए गए दो बैनामों में कई गंभीर गड़बड़ियां हैं। इन दस्तावेजों में जमीन का खसरा या गाटा नंबर स्पष्ट रूप से नहीं लिखा है। साथ ही, गवाहों के पते भी अलग-अलग दर्ज हैं। आरोप है कि इन्हीं संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर बाद में 2019 से 2021 के बीच परिवार के सदस्यों के बीच ही कई गिफ्ट डीड और बैनामे किए गए। पीड़ित का कहना है कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 1500 वर्गगज जमीन की रजिस्ट्री तरुण शर्मा और अन्य लोगों के नाम करवा ली गई, जबकि असल दस्तावेजों में केवल लगभग 900 वर्गगज जमीन का ही जिक्र है। यह पूरा मामला फर्जीवाड़े और करोड़ों की संपत्ति हड़पने की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी जांच अब पुलिस कर रही है।