Government Doctors Salaries To Be Linked With Geo fencing Attendance Method To Change
जियो फेंसिंग से लिंक होगी सरकारी डॉक्टरों की सैलरी
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हाजिरी अब रजिस्टर से हटकर जियो फेंसिंग या बायो-मैट्रिक्स से जुड़ेगी। सरकार इस नई व्यवस्था पर काम कर रही है। इससे डॉक्टरों की उपस्थिति और सैलरी का सीधा संबंध स्थापित होगा। नूंह के डॉक्टरों को रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रहने की छूट भी दी गई है।
हरियाणा के सरकारी डॉक्टरों की हाजिरी अब सिर्फ रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार उनकी सैलरी को जियो फेंसिंग या बायो-मैट्रिक्स जैसी आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी कर रही है। यह कदम डॉक्टरों की उपस्थिति को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया जा रहा है। वहीं, नूंह में तैनात कुछ डॉक्टरों को रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रहने की विशेष छूट दी गई है, जिसे उनका स्टेशन मेंटेन माना जाएगा। यह मुद्दा विधानसभा में भी उठा था।
फिलहाल, पूरे हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की हाजिरी अभी भी रजिस्टर में ही दर्ज हो रही है। लेकिन अब सरकार इस प्रक्रिया को बदलने वाली है। डॉक्टरों के वेतन को सीधे उनकी हाजिरी से जोड़ने के लिए जियो फेंसिंग या बायो-मैट्रिक्स जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मतलब है कि डॉक्टर जहां ड्यूटी पर होंगे, वहीं से उनकी हाजिरी लगेगी और उसी के आधार पर उनका वेतन मिलेगा। इस पर काम चल रहा है।यह बदलाव डॉक्टरों की जवाबदेही बढ़ाने और सरकारी अस्पतालों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। दूसरी ओर, नूंह में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल ऑफिसर (एमओ) को एक खास सुविधा दी गई है। उन्हें रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में रहने की अनुमति है। इन जगहों पर रहने को भी उनका स्टेशन मेंटेन माना जाएगा।
यह मुद्दा फिरोजपुर-झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर ने विधानसभा में उठाया था। उन्होंने डॉक्टरों की सुविधाओं और उनकी तैनाती को लेकर सवाल उठाए थे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल पूरे हरियाणा में डॉक्टरों की हाजिरी रजिस्टर में ही लग रही है। लेकिन भविष्य में इसमें बदलाव की पूरी तैयारी है।