‘प्रदूषण कम करने के लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें अधिकारी’

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव में वायु प्रदूषण कम करने के लिए अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। जीएमडीए सड़कों के पानी को ग्रीन बेल्ट में भेजने का काम कर रहा है। इससे जलभराव कम होगा और भूजल स्तर बढ़ेगा। निगम कमिश्नर ने सभी विभागों को तिमाही लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ग्रीन क्रेमेटोरियम के लिए स्थान और तकनीक तय होगी।

officials must meet pollution reduction targets at all costs municipal commissioner pradeep dahiya
गुड़गांव में बारिश का पानी सड़कों पर जमा न हो, इसके लिए GMDA खास तैयारी कर रहा है। सड़कों के किनारे बनी ग्रीन बेल्ट को सड़क की सतह से नीचा किया जा रहा है। इससे करीब 30 किलोमीटर इलाके में बारिश का पानी सीधे ग्रीन बेल्ट में जाएगा। इससे जलभराव की समस्या कम होगी और जमीन का पानी भी बढ़ेगा। यह जानकारी GMDA अधिकारियों ने निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया को एक मीटिंग में दी। मीटिंग में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के तरीकों पर चर्चा हुई।

निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन करें और तय समय में अपने लक्ष्य पूरे करें। उन्होंने NHAI, PWD और HSIIDC के अफसरों से कहा कि वे GMDA के सीएचएस पोर्टल पर अपने विभागों को मैप कराएं। इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।
MCG के अधिकारियों को ग्रीन क्रेमेटोरियम (हरित श्मशान घाट) के लिए जगह और वहां इस्तेमाल होने वाली तकनीक के बारे में 20 मार्च तक फैसला लेने को कहा गया है। सड़क बनाने का काम ऐसे किया जाए कि धूल कम उड़े और प्रदूषण न फैले। साथ ही, शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

GMDA अधिकारियों ने बताया कि 30 किलोमीटर ग्रीन बेल्ट को सड़क से नीचा करने का काम चल रहा है। इसे मॉनसून आने से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। HSPCB के अधिकारियों ने बताया कि वे प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

निगम कमिश्नर ने साफ कहा कि वायु प्रदूषण को कम करना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

इस मीटिंग में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। GMDA की कोशिश है कि बारिश का पानी सड़कों पर न रुके। इसके लिए सड़कों के किनारे बनी ग्रीन बेल्ट को सड़क से थोड़ा नीचा किया जा रहा है। यह काम करीब 30 किलोमीटर तक किया जाएगा। इससे शहर में जलभराव की समस्या कम होगी और जमीन के अंदर पानी का स्तर भी बढ़ेगा।

मीटिंग में यह भी तय हुआ कि ग्रीन क्रेमेटोरियम के लिए जल्द ही जगह फाइनल की जाएगी। यह एक ऐसा श्मशान घाट होगा जहां पर्यावरण को नुकसान कम पहुंचेगा।

निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे वायु प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए तय किए गए नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि जो भी लक्ष्य तय किए गए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा।

NHAI, PWD और HSIIDC जैसे बड़े विभागों को GMDA के ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर करने के लिए कहा गया है। यह काम एक हफ्ते में पूरा करना होगा।

MCG के अधिकारियों को ग्रीन क्रेमेटोरियम के लिए जगह और वहां इस्तेमाल होने वाली नई टेक्नोलॉजी के बारे में 20 मार्च तक फैसला लेने का आदेश दिया गया है।

सड़क निर्माण के काम को इस तरह से करने को कहा गया है कि धूल कम उड़े। इससे सड़क के आसपास प्रदूषण नहीं फैलेगा।

शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी खास ध्यान देने की बात कही गई है।

GMDA अधिकारियों ने बताया कि 30 किलोमीटर ग्रीन बेल्ट को सड़क की सतह से नीचा करने का काम चल रहा है। इसे बारिश शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

HSPCB के अधिकारियों ने बताया कि वे प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

निगम कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि वायु प्रदूषण को कंट्रोल करना किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को पाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।