हेरिटेज सिटी में पहले बनेगी पार्किंग, ज़मीन खरीद जल्द

नवभारत टाइम्स

यमुना अथॉरिटी की हेरिटेज सिटी में सबसे पहले पार्किंग बनेगी। यह पार्किंग वृंदावन के पास यमुना नदी के किनारे करीब 17.50 हेक्टेयर जमीन पर बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर जोर दिया है। जमीन खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। पार्किंग पीपीपी मॉडल पर बनेगी। इससे वृंदावन की पार्किंग समस्या का समाधान होगा।

parking to be built first in heritage city land purchase to start soon
ग्रेटर नोएडा: यमुना अथॉरिटी की हेरिटेज सिटी में सबसे पहले एक बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी। यह पार्किंग वृंदावन के पास यमुना नदी के किनारे बनेगी। इसके लिए करीब 17.50 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। यह पार्किंग पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनेगी। इससे वृंदावन में पार्किंग की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बृज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में लिया गया। इस बैठक में यमुना अथॉरिटी के अधिकारी भी शामिल थे। बैठक में हेरिटेज सिटी का प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पार्किंग बनाने पर जोर दिया। इसके लिए 17.50 हेक्टेयर जमीन खरीदने का आदेश दिया गया है। मथुरा जिला प्रशासन को जमीन खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी करने में यमुना अथॉरिटी की मदद करने को कहा गया है। पार्किंग के साथ-साथ एक सड़क के लिए भी करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।
यीडा (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि जमीन खरीदने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। पार्किंग को PPP मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि सरकार और निजी कंपनियां मिलकर इसे बनाएंगी और चलाएंगी।

यमुना अथॉरिटी को हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट राया में विकसित करना है। इसका मुख्य उद्देश्य मथुरा-वृंदावन को दुनिया भर के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह हेरिटेज सिटी लगभग 753 एकड़ जमीन पर बनेगी। इसे बृज की संस्कृति और भगवान कृष्ण की विरासत को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।

इस हेरिटेज सिटी में कई खास चीजें होंगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की एक बड़ी मूर्ति, एक भव्य मंदिर परिसर, यमुना नदी के किनारे सुंदर रिवरफ्रंट डेवलपमेंट, एक सांस्कृतिक पार्क, कला और हस्तशिल्प के लिए बाजार, एक आध्यात्मिक केंद्र और तीर्थ यात्रियों के लिए एक विशेष गेटवे कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। यह सब मिलकर मथुरा-वृंदावन को एक नई पहचान देगा और पर्यटकों को आकर्षित करेगा।