Public Opposition To Electricity Rate Hike Proposal Public Hearing In Greater Noida
कंपनी ने बिजली दर में वृद्धि का रखा प्रस्ताव, लोग बोले-ऐसा न हो
नवभारत टाइम्स•
ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई हुई। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उपभोक्ताओं ने दरें न बढ़ाने की मांग की। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड ने दर वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं दिया। सोसायटियों में मल्टी पॉइंट कनेक्शन और डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन देने के मुद्दे उठाए गए।
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में एक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस सुनवाई में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ( PVVNL ) और नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (NPCL) के उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं रखीं। आयोग के चेयरमैन ने इन समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में सोसायटियों में मल्टी पॉइंट कनेक्शन, डूब क्षेत्र और प्राधिकरण की अनुमति के बिना बनी कॉलोनियों में मकानों को बिजली कनेक्शन देने जैसे अहम मुद्दे उठाए गए। PVVNL ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा, जबकि NPCL ने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया, जो ग्रेटर नोएडा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है।
PVVNL ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव देते हुए आय और व्यय के बीच घाटे का हवाला दिया। हालांकि, उपभोक्ताओं ने बिजली दरों में वृद्धि न करने की पुरजोर मांग की। दूसरी ओर, NPCL ने बिजली दरों में वृद्धि से संबंधित कोई प्रस्ताव नहीं दिया। यह ग्रेटर नोएडा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है। NPCL ने आयोग से 10 फीसदी नियामक छूट को हटाने के लिए अपील की है, जिस पर आयोग को निर्णय लेना है। वहीं, उपभोक्ताओं ने इस 10 फीसदी नियामक छूट को जारी रखने की मांग की है। ग्रामीण क्षेत्र से आए उदयवीर ने बताया कि अब गांवों में बिजली की कोई भी समस्या आने पर उसका समाधान एक घंटे के अंदर हो जाता है।जनसुनवाई में वकार अहमद ने सोसायटियों में मल्टी पॉइंट कनेक्शन देने की मांग को मजबूती से उठाया। इस पर NPCL के अधिकारी ने आयोग को सूचित किया कि 51 फीसदी सहमति मिलने पर सोसायटियों में मल्टी पॉइंट कनेक्शन देने का काम जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि डूब क्षेत्र में भी लोगों को बिजली कनेक्शन दिया जाना चाहिए।
इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की सुनवाई में उद्योगों से जुड़ी अपनी समस्याएं रखीं। संस्था के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एलटी (लो टेंशन) कनेक्शन की सीमा 50 किलोवॉट है, जो कई औद्योगिक इकाइयों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि इसे बढ़ाकर 100 किलोवॉट किया जाए। इसके अलावा, नए बिजली कनेक्शन पर सिक्योरिटी डिपॉजिट को ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 प्रति किलोवाट करने के निर्णय से उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। इंडस्ट्रियल बिज़नेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने मांग रखी कि इस फिक्स चार्ज को कम किया जाए ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिल सके। यह जनसुनवाई उपभोक्ताओं और उद्योगों की बिजली से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।