भर्ती परीक्षाओं के अंक गोपनीय नहीं: HC

नवभारत टाइम्स

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं के अंकों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं के अंक गोपनीय नहीं होते। सूचना के अधिकार के तहत कोई भी अभ्यर्थी दूसरे अभ्यर्थियों के अंक मांग सकता है।

recruitment exam marks not confidential big decision by allahabad high court information will be available under rti

NBT रिपोर्ट, प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में प्राप्त अंक गोपनीय नहीं होते। इसलिए सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत कोई अभ्यर्थी दूसरे अभ्यर्थियों के अंक मांगता है तो इसे निजी जानकारी बताकर रोका नहीं जा सकता। इसके लिए तीसरे पक्ष की सहमति भी जरूरी नहीं है। जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा में मिले अंक निजी गोपनीय जानकारी की श्रेणी में नहीं आते। इन अंकों को साझा करने से किसी की निजता का उल्लंघन भी नहीं होता। अदालत के अनुसार आरटीआई कानून का उद्देश्य सार्वजनिक हित से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना है, इसलिए भर्ती परीक्षाओं के अंकों की जानकारी दी जानी चाहिए।

हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी देना अनिवार्य नहीं है। जरूरत पड़ने पर उत्तर पुस्तिका का अवलोकन कराया जा सकता है।

यह मामला रेलवे में विधि सहायक पद की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। वर्ष 2008 में एक अभ्यर्थी ने आरटीआई के जरिए अपने साथ दो अन्य अभ्यर्थियों के अंक और उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी मांगी थी। मामला अंततः हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने अंकों की जानकारी देने को उचित माना।