Two Arrested For Demanding Ransom At Kgp Toll Plaza Weapons Recovered
केजीपी टोल प्लाजा के सुपरवाइजर से रंगदारी मांगने में दो गिरफ्तार
नवभारत टाइम्स•
होडल पुलिस ने केजीपी टोल प्लाजा के सुपरवाइजर से रंगदारी मांगने और मारपीट करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना 2 मार्च को हुई थी।
होडल: पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केजीपी एक्सप्रेसवे पर स्थित टोल प्लाजा के सुपरवाइजर से 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने और मारपीट करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी जगविंदर सिंह ने बताया कि यह घटना 2 मार्च को हुई थी। गांव सिहौल निवासी गौरव, जो केजीपी एक्सप्रेसवे के अलीगढ़ रोड, पेलक-सिहौल के पास स्थित टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, ने थाना चांदहट पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, धर्मेंद्र उर्फ माल्या, सुखबीर, रवि, तेजन निवासी रिंडका, जुगन, प्रवीण निवासी लिखी सहित पांच-छह अन्य लोग हथियारों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। आरोपियों ने पीड़ित से पिछले आठ महीने से रंगदारी और फिरौती की मांग कर रहे थे।पीड़ित ने बताया कि जब वह अपने कार्यालय में बैठा हुआ था, तभी सभी आरोपी योजना बनाकर तेजधार हथियार, डंडे, हथौड़े और देशी कट्टा लेकर ऑफिस में घुस आए। इस दौरान धर्मेंद्र उर्फ माल्या ने उसके सिर पर डंडे से वार किया और देशी कट्टे के बट से भी हमला किया। वहीं तेजन ने फावड़े से सिर, कमर और हाथ पर चोट मारी। प्रवीण ने उसे ऑफिस से बाहर खींचकर हथौड़े से पैरों पर वार किया, जबकि जुगन और सुखबीर ने डंडों और हथौड़े से कमर, हाथ और पैरों पर हमला किया और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच टीम ने आरोपी धर्मेंद्र उर्फ माल्या और तरुण उर्फ अरुण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से लाठी-डंडा और एक देशी कट्टा भी बरामद किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
यह घटना केजीपी एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस तरह की घटनाएं आम लोगों में भय का माहौल पैदा करती हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। रंगदारी मांगने और मारपीट करने जैसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। यह घटना इस बात का भी संकेत देती है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे किसी भी जगह पर अपना आतंक फैलाने से नहीं डरते। पुलिस की सक्रियता से ही ऐसे अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकती है।