Computer Science Paper Made Easy Students Completed Before Time
‘कंप्यूटर साइंस का पेपर समय से पहले कर लिया पूरा’
नवभारत टाइम्स•
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की कंप्यूटर साइंस और आईटी एंड आईटीईएस की परीक्षा फरीदाबाद में संपन्न हुई। करीब दो हजार छात्रों ने परीक्षा दी। छात्रों ने प्रश्नपत्र को आसान बताया। कई छात्रों ने समय से पहले पेपर हल कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों तरह के सवाल थे।
फरीदाबाद: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से बुधवार को 12वीं कक्षा के कंप्यूटर साइंस और आईटी एंड आईटीईएस विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। जिले के करीब 20 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 2000 छात्रों ने यह परीक्षा दी। वैकल्पिक विषय होने के कारण परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की संख्या कम रही। परीक्षा ढाई घंटे की थी और सुबह निर्धारित समय पर बिना किसी रुकावट के संपन्न हुई। परीक्षा से पहले छात्रों की सघन जांच की गई और नियमों का पालन करते हुए ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। परीक्षा के बाद छात्रों ने प्रश्नपत्र को आसान बताया और कहा कि ज्यादातर सवाल पूरे सिलेबस से थे। जिन छात्रों ने साल भर नियमित पढ़ाई की थी, उन्हें पेपर हल करने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई।
परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर आए छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र उम्मीद से भी ज्यादा आसान था। कंप्यूटर साइंस के पेपर में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल जानकारी से जुड़े सवाल भी शामिल थे। कई छात्रों ने तो तय समय से पहले ही पेपर पूरा कर लिया और उन्हें अपने उत्तर दोबारा जांचने का भी मौका मिला।छात्र अभिषेक ने कंप्यूटर साइंस के पेपर को उम्मीद से भी अधिक आसान बताया। उन्होंने कहा, "96 प्रतिशत अंक आने की उम्मीद है। थ्योरी आधारित प्रश्न अधिक और आसान थे।"
एक अन्य छात्रा शिवानी ने बताया कि कंप्यूटर साइंस की उसकी तैयारी बहुत अच्छी थी। इसलिए उसे किसी भी प्रश्न का उत्तर लिखने में कोई परेशानी नहीं आई। उसने दो घंटे में ही सभी प्रश्नों के उत्तर लिख लिए थे।
यह परीक्षा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें कंप्यूटर साइंस और आईटी एंड आईटीईएस जैसे वैकल्पिक विषयों को शामिल किया गया था। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य छात्रों के इन विषयों के ज्ञान का मूल्यांकन करना था। परीक्षा के लिए छात्रों को परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना अनिवार्य था। प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा जांच की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा नियमों के अनुसार ही संपन्न हो।
परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की संख्या कम होने का एक मुख्य कारण यह था कि ये विषय वैकल्पिक थे। यानी, सभी छात्रों के लिए इन विषयों की परीक्षा देना अनिवार्य नहीं था। परीक्षा का समय ढाई घंटे का रखा गया था। यह समय छात्रों को आराम से पेपर हल करने और अपने उत्तरों की जांच करने के लिए पर्याप्त था।
परीक्षा के बाद छात्रों की प्रतिक्रियाओं से पता चला कि प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर काफी कम था। ज्यादातर प्रश्न सीधे सिलेबस से पूछे गए थे। इसका मतलब है कि जिन छात्रों ने साल भर ध्यान से पढ़ाई की थी, उन्हें परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने में आसानी हुई। प्रश्नपत्र में केवल थ्योरी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ज्ञान से जुड़े सवाल भी थे। इससे छात्रों की व्यावहारिक समझ का भी परीक्षण हुआ।
कुछ छात्रों ने तो यह भी बताया कि उन्होंने निर्धारित समय से काफी पहले ही पेपर पूरा कर लिया था। इससे उन्हें अपने उत्तरों को दोबारा देखने और किसी भी गलती को सुधारने का अतिरिक्त समय मिला। यह एक सकारात्मक संकेत है कि छात्र परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार थे और प्रश्नपत्र उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप था।