काम का जुनून

नवभारत टाइम्स

फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने एक विदेशी राजदूत को बताया कि असाधारण प्रतिभा के बिना भी सफलता संभव है। उन्होंने कहा कि मुझमें कोई असाधारण प्रतिभा नहीं है, बस काम का जुनून है। यदि कोई साधारण व्यक्ति भी पूरे मन और लगन से काम करे तो वह कठिन से कठिन काम को भी सरल बना सकता है।

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने एक बार एक विदेशी राजदूत के सवाल का जवाब देते हुए बताया था कि असाधारण सफलता के लिए केवल असाधारण प्रतिभा ही नहीं, बल्कि लगन और एकाग्रता भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं भी किसी असाधारण योग्यता के कारण राष्ट्रपति नहीं बने, बल्कि काम के प्रति अपने जुनून के कारण इस मुकाम तक पहुंचे। रूजवेल्ट ने सफलता के दो रास्ते बताए, जिनमें से एक असाधारण प्रतिभा वालों के लिए है, जबकि दूसरा रास्ता हर साधारण व्यक्ति के लिए खुला है, बशर्ते वह पूरे मन और लगन से काम करे।

यह बात तब की है जब फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट अमेरिका के राष्ट्रपति थे। एक बार एक विदेशी राजदूत उनसे मिलने आए। रूजवेल्ट के व्यक्तित्व से वे इतने प्रभावित हुए कि जाते-जाते उन्होंने विनम्रता से पूछा, ‘यदि अनुमति दें तो मैं एक निजी प्रश्न पूछना चाहता हूं।’ रूजवेल्ट ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘निस्संकोच पूछिए।’
राजदूत ने पूछा, ‘क्या आप भी किसी असाधारण योग्यता के कारण इस पद तक पहुंचे हैं, या साधारण व्यक्ति भी असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है?’

इस पर रूजवेल्ट ने जवाब दिया, ‘मेरे विचार में सफलता के दो रास्ते होते हैं। पहला, असाधारण प्रतिभा वाले लोग अपनी बुद्धि और कौशल से कठिन से कठिन समस्याएं हल कर लेते हैं और महान बन जाते हैं। यह मार्ग सबके लिए आसान नहीं होता, लेकिन दूसरा रास्ता हर व्यक्ति के लिए खुला है। यदि कोई साधारण व्यक्ति भी पूरे मन, लगन और एकाग्रता से काम करे, तो कठिन से कठिन काम भी सरल हो जाता है। लेकिन लोग अक्सर आलस्य के कारण प्रयास नहीं करते।’

फिर उन्होंने आगे कहा, ‘मुझमें भी कोई असाधारण प्रतिभा नहीं है। बस काम करने का जुनून है।’ राजदूत उनके इस सरल और प्रेरणाप्रद उत्तर से पूरी तरह संतुष्ट हो गए। रूजवेल्ट का यह जवाब बताता है कि किसी भी व्यक्ति के लिए सफलता पाना असंभव नहीं है, बस उसे अपने काम के प्रति समर्पित रहना होगा।