Sps Entry In Assam Elections Will Contest On 28 Seats Preparing For National Expansion
असम में 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी सपा
नवभारत टाइम्स•
समाजवादी पार्टी अब उत्तर प्रदेश के बाहर भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में पार्टी असम विधानसभा चुनाव में 28 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने असम इकाई को चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने में जुटी है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव में 28 से अधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने असम इकाई के पदाधिकारियों को चुनावी तैयारियों में पूरी तरह से जुट जाने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी असम के मुख्य महासचिव नारायण दत्ता और पूर्व राष्ट्रीय सचिव तथा नॉर्थ-ईस्ट प्रभारी रहे महावीर सिंह के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने दी, जिन्होंने पार्टी अध्यक्ष को असम में संगठन की गतिविधियों और चुनावी संभावनाओं से अवगत कराया।
महावीर सिंह के अनुसार, सपा लंबे समय से असम में सक्रिय है और पार्टी का 28 सीटों पर अच्छा प्रभाव है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। लोकसभा में 37 सांसदों के साथ सपा सीटों के मामले में देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन फिलहाल उसका प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश तक ही सीमित है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए सपा को कम से कम चार राज्यों में 6 प्रतिशत वोट हासिल करने और लोकसभा में चार सीटें जीतने की आवश्यकता है। इसलिए, दूसरे राज्यों में अपना वोट आधार बढ़ाना सपा के लिए एक बड़ी चुनौती है।उत्तर प्रदेश में भी सपा अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रही है। पार्टी मार्च के अंत से 'समाजवादी समानता भाईचारा रैली' अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान की शुरुआत 29 मार्च को नोएडा के दादरी से होने की संभावना है, जहां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एक रैली को संबोधित करेंगे। इस अभियान के माध्यम से सपा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में समान तर्ज पर रैलियों का आयोजन करेगी। यह कदम पार्टी को राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए जनता से जुड़ने में मदद करेगा।
असम में पार्टी की रणनीति यह दर्शाती है कि सपा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहना चाहती। वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए अन्य राज्यों में भी विस्तार कर रही है। 28 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारना एक बड़ा कदम है, जो असम में पार्टी की गंभीरता को दिखाता है। अखिलेश यादव के निर्देश पार्टी की मंशा को स्पष्ट करते हैं कि वे हर राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह में वोट आधार बढ़ाना सपा के लिए महत्वपूर्ण है। असम जैसे राज्यों में चुनाव लड़ना इस दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है। पार्टी के नेता इस बात से भलीभांति परिचित हैं कि केवल उत्तर प्रदेश में मजबूत होने से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना मुश्किल है। इसलिए, वे अन्य राज्यों में भी अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
'समाजवादी समानता भाईचारा रैली' अभियान उत्तर प्रदेश में पार्टी को फिर से सक्रिय करने का एक प्रयास है। यह अभियान लोगों को जोड़ने और पार्टी के सिद्धांतों को फैलाने का एक मंच प्रदान करेगा। नोएडा के दादरी से इसकी शुरुआत एक रणनीतिक कदम है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की उपस्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।