New Direction For Waste Management In Ghaziabad Modern Mrf Centers To Be Built In Akbarpur And Ret Mandi
अकबरपुर और रेत मंडी में बनेंगे MRF सेंटर
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद में कचरे की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने रेत मंडी और अकबरपुर बहरामपुर में एमआरएफ सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। इन केंद्रों पर कचरे की वैज्ञानिक तरीके से छंटाई होगी। रेत मंडी केंद्र 250 टन और अकबरपुर बहरामपुर केंद्र 50 टन कचरा प्रतिदिन प्रोसेस करेगा।
गाजियाबाद नगर निगम शहर की बढ़ती कचरा समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है। निगम रेत मंडी और अकबरपुर बहरामपुर में दो आधुनिक मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सेंटर स्थापित करेगा। इन सेंटरों का मुख्य उद्देश्य कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग करना और उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाना है, जिससे लैंडफिल साइट पर जाने वाले कचरे की मात्रा में कमी आएगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश ने बताया कि इन नए सेंटरों में मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से कचरे को विभिन्न श्रेणियों में बांटा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी, जिससे प्रोसेसिंग की रियल टाइम जानकारी मिलती रहेगी।
रेत मंडी में बनने वाले MRF सेंटर की क्षमता प्रतिदिन 250 टन कचरा प्रोसेस करने की होगी, जबकि अकबरपुर बहरामपुर केंद्र रोजाना 50 टन कचरा संभालेगा। यह पहल शहर को स्वच्छ बनाने और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन सेंटरों के बनने से न केवल कचरे का सही निपटान होगा, बल्कि पुनर्चक्रण (recycling) को भी बढ़ावा मिलेगा।डॉ. मिथलेश ने आगे बताया कि नए रिकवरी सेंटर बनने के बाद कचरे को मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। इस पूरे सिस्टम की निगरानी ऑनलाइन की जा सकेगी जिससे प्रोसेसिंग की रियल टाइम जानकारी मिल सके। इसका मतलब है कि हम कहीं से भी देख पाएंगे कि कचरे को कैसे अलग किया जा रहा है और कितना पुनर्चक्रण हो रहा है।
रेत मंडी केंद्र की क्षमता 250 टन प्रतिदिन और अकबरपुर बहरामपुर केंद्र की क्षमता 50 टन रोजाना प्रोसेस करने की होगी। यह क्षमता शहर की बढ़ती आबादी और कचरे की मात्रा को देखते हुए काफी अहम है। इन सेंटरों के माध्यम से नगर निगम कचरे को एक समस्या के बजाय एक संसाधन के रूप में देखेगा।